1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 16 Sep 2025 07:43:31 AM IST
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Bihar News: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार के राजनीतिक में हलचल तेज हो गई है। साथ ही बिहार में सभी चुनावी पार्टियां अपनी रोटी सेकने के लिए जनता को लुभाने में लगे है और जनता को बड़े-बड़े तौफे दे रहे है। इसी क्रम में, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने “माई-बहिन योजना” ऐलान किया था। अब इसी योजना को लेकर कार्रवाई हो गई है।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राजद सांसद संजय यादव, पूर्व प्रत्याशी मस्कुर अहमद उस्मानी और राजद नेता ऋषि मिश्रा के खिलाफ दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना में गंभीर आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई गुड़िया देवी नामक एक महिला की शिकायत के बाद की गई है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि “माई-बहिन मान योजना” के नाम पर गांव की महिलाओं से फॉर्म भरवाने और आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा देकर 200 की ठगी की गई।
शिकायतकर्ता श्रीमती गुड़िया देवी, जो सिंहवाड़ा प्रखंड की एक स्थानीय महिला हैं, ने अपने आवेदन में बताया कि कुछ अज्ञात व्यक्ति सिंहवाड़ा पंचायत क्षेत्र में पहुंचे और दावा किया कि "माई-बहिन मान योजना" के तहत हर महिला को 2,500 प्रतिमाह बैंक खाते में मिलेंगे। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक विवरण और 200 की राशि लेकर योजना का फॉर्म भरवाया। गुड़िया देवी के अनुसार, उन्होंने कई महिलाओं को इस योजना के तहत फार्म भरवाने के लिए प्रेरित भी किया।
कुछ ही समय बाद जब उनके पति ने इस विषय पर जानकारी ली, तो शक हुआ और फिर पता चला कि यह एक संगठित ठगी का मामला था। गुड़िया देवी ने अपने आवेदन में कहा कि यह केवल एक छोटी ठगी नहीं, बल्कि राजनीतिक स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से किया गया एक छलावा है, जिसका उद्देश्य आम जनता को गुमराह कर उनके साथ धोखाधड़ी करना था।
एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण के पीछे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और महागठबंधन के बड़े नेताओं का हाथ है। उन्होंने कहा कि इस योजना की आड़ में तेजस्वी यादव (नेता प्रतिपक्ष), संजय यादव (राज्यसभा सांसद), ऋषि मिश्रा (राजद नेता) और मस्कुर अहमद उस्मानी (कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी, जाले विधानसभा) का नाम सामने आया है।
सिंहवाड़ा थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है और संबंधित दस्तावेजों व गवाहों को खंगाला जा रहा है।
इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और अब सभी की निगाहें इस केस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। विपक्ष इस पर सरकार की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि राजद ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
