ब्रेकिंग
सुस्ता सीमा विवाद के बाद भारत-नेपाल की अहम बैठक, बॉर्डर पर शांति और समन्वय पर बनी सहमतिबहराइच में कार्यक्रम रद्द होने पर भड़के मुकेश सहनी, DM कार्यालय पहुंचकर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोपविश्व स्तनपान सप्ताह पर NSMCH बिहटा की पहल, डॉक्टरों ने समझाया मां के दूध का महत्व; जानिए नवजात के लिए क्यों है सबसे खासनई टीम में कट्टर लालूवादियों को.., रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव को दी सलाह, बोलीं- यह काफी पहले होना चाहिए थाबिहार में साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 507 आरोपी गिरफ्तार; मुख्य सचिव ने की अहम बैठकसुस्ता सीमा विवाद के बाद भारत-नेपाल की अहम बैठक, बॉर्डर पर शांति और समन्वय पर बनी सहमतिबहराइच में कार्यक्रम रद्द होने पर भड़के मुकेश सहनी, DM कार्यालय पहुंचकर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोपविश्व स्तनपान सप्ताह पर NSMCH बिहटा की पहल, डॉक्टरों ने समझाया मां के दूध का महत्व; जानिए नवजात के लिए क्यों है सबसे खासनई टीम में कट्टर लालूवादियों को.., रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव को दी सलाह, बोलीं- यह काफी पहले होना चाहिए थाबिहार में साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 507 आरोपी गिरफ्तार; मुख्य सचिव ने की अहम बैठक

तेजस्वी यादव ने दे दी लास्ट वार्निंग, सम्राट सरकार के पास सिर्फ रात तक का वक्त; कहा- हम निवेदन नहीं, आगाह कर रहे

Bihar Politics: बिहार बंद के दौरान सीवान AK-47 फायरिंग और छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को रात तक रिहा नहीं किया गया और मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Bihar Politics
सरकार को तेजस्वी की चेतावनी
© Reporter
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar Politics: बंद के दौरान एके 47 से फायरिंग और राज्य में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्रों की हुई गिरफ्तारी को लेकर बिहार में सियासी पारा हाई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से एनडीए सरकार पर बड़ा हमला बोला और अंतिम चेतावनी दे दी है। तेजस्वी ने सम्राट सरकार को आज रात कर का वक्त दिया है। उन्होंने कहा है कि आज शाम या रात तक गिरफ्तार छात्रों को नहीं छोड़ा तो बड़ें आंदोलन के लिए तैयार रहें।



तेजस्वी यादव ने कहा कि जब दिल्ली में बैठ कर जेपी नड्डा ने खुद स्पष्ट कर दिया कि किसी भी छात्र पर कार्रवाई नहीं की जाएगी और सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और जो भी गिरफ्तार छात्र हैं उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। अब सवाल उठता है कि बिहार में एके 47 क्यों चलाया जा रहा है। जब एके 47 चलाया गया तो उसका वीडियो देखिए, सीधे एके 47 का एंगल, अपराधियों पर नहीं चल रहा बल्कि नौजवान छात्रों पर चल रहा है।



उन्होंने कहा कि वो तो भाग्य अच्छा था कि तीनों छात्र बच गए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सिर्फ सीवान में ही नहीं बल्कि बिहार के हर जिले में छात्रों पर लाठी-डंडे बरसाए गए, फर्जी मुकदमा कर उनको उठाया गया है। भाजपा के लोगों का जो वचन था, उस वचन पर ये लोग कायम नहीं रहे। नरेंद्र मोदी अपने जुबान के पक्के नहीं हैं, यह बात साबित हो गई है।



तेजस्वी यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी पर अब कोई भी व्यक्ति विश्वास नहीं करता है। जिस तरह से उन्होंने किसानों का ठगा उसी तरह से छात्रों को ठगने का काम कर रहे हैं। हम पूछना चाहते हैं कि कितने बड़े से बड़े आंदोलन हुए लेकिन आज तक कभी आंदोलन को रोकने के लिए एके 47 नहीं चलाया गया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी से 100 दिन में कोई काम तो नहीं किया लेकिन छात्रों पर गोली चलवाने का काम किया है।



उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक का विरोध करने पहुंचे छात्रों पर गोली चलाई गई। 16-17 साल के छात्र जो न्याय चाहते थे उनके ऊपर सरकार ने गोली चलवाने का काम किया। सिर्फ आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर आप उसे बचाना चाहते हैं जिन्होंने गोली चलाने का आदेश दिया। आखिर किसके कहने पर गोली चलाई गई, क्या एसपी पर कार्रवाई हुई? खुद मुख्यमंत्री ही गृह मंत्री हैं, क्या यह उनका आदेश था? या यह डीजीपी का आदेश था?



तेजस्वी यादव ने सीवान गोलीकांड की न्यायिक जांच कराने की मांग सरकार से की है। क्या मुख्यमंत्री की जवाबदेही नहीं बनती की खुद सामने आकर जवाब दें। सरकार से पूछना चाहते हैं कि जिन छात्रों को गिरफ्तार किया क्या उनके परिजनों को सूचना दी? परिजन अपने बेटा-बेटी को ढूंढ रहे हैं कि वह कहां गए। निर्दोष लोगों के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से उठा लिया जा रहा है।



नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भीड़ को कंट्रोल करने का एक प्रोटोकॉल होता है। उस प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है। अगर आज शाम या देर रात तक गिरफ्तार छात्रों को नहीं छोड़ा गया, अगर उनके ऊपर किए गए मुकदमे को वापस नहीं लिया जाता है, तो बिहार की धरती क्रांति की धरती है और बदलाव की धरती है। हमलोग इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।



तेजस्वी ने कहा कि हम सरकार से निवेदन नहीं कर रहे हैं, बाद में सम्राट चौधरी और उनकी सरकार यह नहीं कहे कि हमने पहले बताया नहीं था। मुख्यमंत्री से कहेंगे कि किसी तरह से कुर्सी पर बैठ गए हैं तो कुछ काम कर लें और नहीं तो घर चले जाएं, लेकिन निर्दोष छात्रों की हत्या की कोशिश न करें। अगर छात्रों की जान चली गई होती तो इसका दोषी कौन होता?

रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता