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मुकेश सहनी को घर में रोकने के आदेश के खिलाफ याचिका, हाईकोर्ट ने UP सरकार से मांगा जवाब

मुकेश सहनी को लखनऊ स्थित घर में नजरबंद करने के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को होगी।

बिहार न्यूज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

पटना/लखनऊ: इलाहाबाद लखनऊ ने शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक द्वारा 28 जून 2026 को जारी उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब देने के लिए समय दिया है, जिसके तहत कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक मुकेश सहनी को लखनऊ स्थित उसके घर पर ही रोक दिया गया था।


न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राकेश नायक और राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता विपुल कुमार सिंह की दलीलें सुनीं।


याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि उसे 28 जून से 30 जून 2026 तक उसके लखनऊ स्थित आवास पर रोके रखा गया, लेकिन उसे ऐसा करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। इसके जवाब में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि 28 जून को जारी पत्र में याचिकाकर्ता को रोके जाने का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज है।


सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत का ध्यान याचिका के साथ दाखिल एनेक्शर संख्या-9 की ओर भी दिलाया। यह पत्र भारत सरकार के गृह मंत्रालय के एक अवर सचिव की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को भेजा गया था। पत्र में याचिकाकर्ता की ओर से 30 जून 2026 को दिए गए आवेदन के संदर्भ में उसे रोकने के आदेश का कारण बताए जाने का अनुरोध किया गया था।


अदालत ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से पूछा कि गृह मंत्रालय के इस पत्र, जो 24 जुलाई 2026 का बताया गया है, के बाद सरकार की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं। इस पर राज्य के अधिवक्ता विपुल कुमार सिंह ने अदालत से इस संबंध में विशेष निर्देश प्राप्त करने के लिए कुछ समय देने का अनुरोध किया।


अदालत ने राज्य के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की। मामले को उस दिन नए मामले के तौर पर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है। मामला सीआरएलपी संख्या 8912/2026 के रूप में दर्ज है।