PATNA: पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने और गाली-गलौज की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती रही है। उन्होंने कहा कि कभी प्रधानमंत्री की मां के बारे में अपशब्द कहे गए, तो कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ और ‘चायवाला’ कहकर निशाना बनाया गया। शाह ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक संवाद की मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस में हताशा और निराशा बढ़ गई है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के पास अब न कोई नीति बची है और न कोई मुद्दा, बल्कि पार्टी गाली-गलौज की राजनीति कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर की गई टिप्पणियों का जवाब जनता चुनावों में देती रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा उठाया और कहा कि इसमें गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा जाएगा।
इसी दौरान दर्शकदीर्घा में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा, ‘मोदी नहीं जाएगा।’ इस पर खड़गे ने प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।दर्शकदीर्घा में मौजूद एक शख्स को उनकी बातें नागवार गुजरा, उसने तुरंत वही पर कह दिया कि 'मोदी नहीं जाएगा'। शख्स की बातें सुनते ही खड़गे भड़क गये और कहने लगे कि मोदी का बाप भी जेल जाएगा।
खड़गे की टिप्पणी के बाद बीजेपी और एनडीए के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा है। अमित शाह ने भी इस बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस से जुड़े राजनीतिक संवाद और मर्यादा पर सवाल उठाए हैं। इस मामले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।





