BEGUSARAI: बेगूसराय के डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव में रविवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस को देखकर भाग रहे एक युवक ने जान बचाने के लिए बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी। गहरे पानी में जाने के कारण युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने नदी से शव निकालने के बाद कटरमाला बांध स्थित मुख्य सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख बलिया डीएसपी सुबोध कुमार सहित विभिन्न थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
मृतक की पहचान राजोपुर गांव के वार्ड संख्या-2 निवासी रामजतन यादव के पुत्र धारो यादव के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 30 से 32 वर्ष बताई जा रही है। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक विवाहित था। पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी पुलिस, नदी में लगा दी छलांग
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम शराब तस्करी से जुड़ी सूचना पर डंडारी थाना की पुलिस राजोपुर गांव में छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस को देखकर धारो यादव भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछा किया। भागते हुए युवक बूढ़ी गंडक नदी के किनारे पहुंच गया और बचने के लिए नदी में छलांग लगा दी। नदी में गहरा पानी होने के कारण वह डूब गया।
घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि पीछा करने के दौरान पुलिस ने युवक पर राइफल तान दी थी, जिसके बाद उसने जान बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि युवक पुलिस को देखकर भागने लगा था और इसी दौरान नदी में कूद गया।
ग्रामीणों ने नदी से निकाला शव, सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन
युवक के नदी में डूबने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। काफी खोजबीन के बाद ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी से शव बरामद किया गया। शव बाहर निकलते ही गांव में आक्रोश और बढ़ गया।
आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को कटरमाला बांध के समीप मुख्य सड़क पर रख दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने युवक का पीछा करने के दौरान उसे बचाने के लिए जरूरी प्रयास नहीं किया। लोगों ने घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की।
घटनास्थल पर पुलिस के पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों के आक्रोश के बीच पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में बलिया डीएसपी सुबोध कुमार, डंडारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार समेत अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई।
थानाध्यक्ष बोले- युवक के खिलाफ पहले से दर्ज थी प्राथमिकी
इस संबंध में डंडारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि धारो यादव के खिलाफ थाने में पहले से प्राथमिकी दर्ज थी। रविवार की शाम पुलिस गश्ती के दौरान वह पुलिस को देखकर भागने लगा और इसी क्रम में बूढ़ी गंडक नदी में कूद गया। नदी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रात में पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय भेज दिया। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
घटना ने खड़े किए कई सवाल
राजोपुर की इस घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। एक ओर पुलिस युवक को पहले से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर वांछित बता रही है, वहीं दूसरी ओर परिजन पुलिस पर उसे बचाने का प्रयास नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के दौरान युवक के नदी में कूदने और उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर उठे सवालों का जवाब अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मृतक धर्मवीर किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनकी शादी करीब सात वर्ष पहले हुई थी और उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमें डेढ़ वर्ष और तीन वर्ष की दो बेटियां तथा पांच वर्ष का एक बेटा शामिल है। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों के अनुसार, धर्मवीर मवेशियों के लिए चारा लाने गए थे। इसी दौरान शाम करीब पांच बजे बूढ़ी गंडक नदी के पास पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। आरोप है कि इसी अफरातफरी के बीच धर्मवीर नदी में कूद गए और गहरे पानी में डूबने लगे। परिजनों का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने के लिए कोई पहल नहीं की और वे मूकदर्शक बने रहे। हालांकि, पुलिसकर्मियों पर लगाए गए इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।





