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बिहार कांग्रेस में बढ़ी कलह: 32 नेताओं को कारण बताओ नोटिस, दिल्ली में प्रदर्शन के बाद जवाब तलब

Bihar Politics: बिहार कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान के बीच पार्टी ने 32 नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें पूर्व विधायक और कई पूर्व जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं।

Bihar Politics
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: बिहार कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान अब अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गई है। पार्टी ने 32 नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश अनुशासन समिति की ओर से भेजे गए नोटिस में सभी नेताओं से अपना पक्ष स्पष्ट करने और निर्धारित समय में जवाब देने को कहा गया है।



इस कार्रवाई के बाद बिहार कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल और तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नोटिस पाने वाले नेता पार्टी नेतृत्व के सामने क्या जवाब देते हैं और उनके जवाब के बाद संगठन के भीतर चल रहा विवाद किस दिशा में जाता है।



कारण बताओ नोटिस पाने वाले नेताओं में पूर्व विधायक अनिल सिंह और पूर्व विधायक पूनम देवी के नाम शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिमी चंपारण के पूर्व जिलाध्यक्ष भारत भूषण दुबे, औरंगाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह, मधेपुरा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र यादव और सिवान के पूर्व जिलाध्यक्ष विधु शेखर पाण्डेय समेत कुल 32 नेताओं से जवाब मांगा गया है।



पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से बिहार कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ रहा था। नाराज नेताओं ने आठ सितंबर को दिल्ली में पार्टी आलाकमान के सामने प्रदर्शन भी किया था। इसके अलावा कुछ नेताओं के सार्वजनिक बयानों और गतिविधियों को भी पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया।



इसके बाद प्रदेश अनुशासन समिति ने संबंधित नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष और कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर अब सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है।



फिलहाल, 32 नेताओं के जवाब का इंतजार है। उनके जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी पर विराम लगता है या बिहार कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर सियासी खींचतान और बढ़ती है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता