Bihar Politics: बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान सीवान में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एके 47 से पुलिस द्वारा की कई फायरिंग को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर बना हुआ है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से बिहार सरकार पर हमला बोला है और सोशल मीडिया के जरिए 15 सवालों के जवाब मांगे हैं।
तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्टर शेयर करते हुए सम्राट सरकार से सीवान में छात्रों पर पुलिस कर्मी द्वारा एके 47 से की गई कथित फायरिंग की घटना पर 15 सवाल पूछे हैं। तेजस्वी ने लिखा, “छात्र-छात्राओं के सवाल, सरकार दे जवाब!
1. छात्रों पर गोलीबारी करने वाले सिपाही के पास AK-47 आई कैसे? निलंबित सिपाही को AK-47 किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी की गई?
2. हथियार जारी करने का आदेश किसने दिया? AK-47 जैसे आधुनिक हथियार के आवंटन की पूरी कमांड-चेन की भूमिका सामने आनी चाहिए।
3. आरोपित सिपाही किस यूनिट में तैनात था? क्या वह नियमित जिला पुलिस का हिस्सा था? क्या वह SP की सुरक्षा में तैनात था या STF/SIT जैसी विशेष इकाई से संबद्ध था?
4. क्या वह आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन से जुड़ा था? यदि वह विशेष बल का जवान था तो उसकी वास्तविक तैनाती और जिम्मेदारी क्या थी?
5. क्या इससे पूर्व कभी छात्र प्रदर्शन में AK-47 का इस्तेमाल हुआ था? सामान्य कानून-व्यवस्था या छात्र प्रदर्शन की ड्यूटी में इतनी मारक क्षमता वाले हथियार की जरूरत क्यों पड़ी?
6. क्या AK-47 लेकर भीड़ नियंत्रण की अनुमति थी? Crowd Management के SOP का पालन क्यों नहीं किया गया?
7. फायरिंग का आदेश किसने दिया? जिले के पुलिस अधीक्षक पर अभी तक कारवाई क्यों नहीं हुई?
8. कितनी गोलियां चलीं और कितने राउंड जारी हुए थे?हथियार के साथ जारी किए गए और इस्तेमाल हुए कारतूसों का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए।
9. इस्तेमाल किए गए हथियार का बैलिस्टिक और फॉरेंसिक परीक्षण हुआ या नहीं?
10. क्या बॉडी कैमरा या वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है? फायरिंग से ठीक पहले और बाद की पूरी गतिविधि सामने आनी चाहिए।
11. यदि AK-47 गलत ड्यूटी पर पहुंची तो केवल सिपाही को निलंबित करना पर्याप्त है या हथियार जारी करने वाले अधिकारी की भी जवाबदेही तय होगी?
12. कमांड-चेन की जांच होगी या नहीं? जांच केवल गोली चलाने वाले जवान तक सीमित न रहकर ऊपर के अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंचनी चाहिए?
13. AK-47 जैसे विशेष आधुनिक हथियार के लिए विशेष जिम्मेदारी होती है। इसके इस्तेमाल में प्रशिक्षण, आदेश और जवाबदेही तीनों महत्वपूर्ण हैं लेकिन इस घटना में वरीय अधिकारियों पर जवाबदेही तय क्यों नहीं हुई?
14. गृह विभाग की भूमिका और जिम्मेदारी क्या है? गृह विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि हथियारों की तैनाती और कानून-व्यवस्था की इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कैसे होती है।
15. क्या इस नृशंस कांड की विभागीय जांच पर्याप्त होगी? क्या मामला केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई तक सीमित रहेगा या स्वतंत्र जांच में हथियार आवंटन और कमांड-चेन की भी पड़ताल होगी?
राज्य की जनता और खासकर युवा पूछना चाहते है कि इस मामले में मुख्यमंत्री क्यों चुप्पी साधे हुए हैं?"





