UP: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी आज उत्तर प्रदेश के शामली पहुंचे। शामली के झिंझाना स्थित ब्रिजफॉर्म एंड बैंक्वेट हॉल में आयोजित निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा कार्यक्रम में वीआईपी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ में गंगाजल लेकर निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के लिए संकल्प लिया। इसके बाद मुकेश सहनी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और फिर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में चल रहे अभियान और पार्टी की आगामी रणनीति को लेकर अपनी बात रखी।
मुकेश सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले करीब छह महीने से निषाद आरक्षण संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। अब तक लगभग 50 जिलों में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल से शुरू किया गया अभियान अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है। कुछ जिलों में कार्यक्रम होना बाकी है, जिसके बाद वहां भी पार्टी के स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
सहनी ने कहा कि उनका अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान हजारों की संख्या में लोग संकल्प कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं और अभियान से जुड़े वीडियो भी बनाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, निषाद समाज के लिए आरक्षण का मुद्दा अभियान का केंद्र है और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस पर निर्णय की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर के बाद राजनीतिक निर्णय की बात सहनी पहले भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न कार्यक्रमों में कह चुके हैं।
उन्होंने कहा कि निषाद समाज गंगा से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और इसलिए गंगाजल हाथ में लेकर लिया गया संकल्प उनके लिए महत्वपूर्ण है। सहनी ने दावा किया कि समाज अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है और आरक्षण के मुद्दे पर आगे की राजनीतिक दिशा सामूहिक रूप से तय करेगा।
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि निषाद समाज की आबादी करीब 14 प्रतिशत है और जो राजनीतिक दल समाज की मांग को सुनेगा, उसके साथ समाज राजनीतिक रूप से विचार करेगा। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण लागू नहीं होता है तो 2027 में निषाद समाज अपने राजनीतिक विकल्प पर फैसला करेगा। सहनी ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से भी 2027 से पहले इस मुद्दे पर निर्णय लेने की मांग दोहराई।
संजय निषाद को लेकर सहनी ने कहा कि उन्होंने उन्हें छह महीने का समय दिया था और उनके अनुसार इसमें पांच महीने बीत चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद सरकार से निषाद आरक्षण दिलाने में सफल होते हैं तो वे इसका स्वागत करेंगे। इसके विपरीत, यदि मांग पूरी नहीं होती है तो 30 नवंबर के बाद वीआईपी अपनी राजनीतिक रणनीति को लेकर निर्णय करेगी।
सहनी ने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान पूरे उत्तर प्रदेश में निषाद समाज को संगठित करने और आरक्षण के मुद्दे पर संकल्प अभियान को आगे बढ़ाने पर है। उन्होंने बिहार में अपने राजनीतिक गठबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि वीआईपी इंडिया ब्लॉक के साथ है। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निषाद आरक्षण के मुद्दे पर आगे की राजनीतिक भूमिका का निर्णय अभियान पूरा होने के बाद लिया जाएगा।
मुकेश सहनी ने कहा कि उनका उद्देश्य निषाद समाज को राजनीतिक रूप से एकजुट करना और आरक्षण की मांग को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर के बाद पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी आगामी राजनीतिक रणनीति की घोषणा करेगी।





