मकर संक्रांति पर मिट गईं दूरियां: तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे लालू प्रसाद, बेटे को परिवार और पार्टी से किया था बेदखल

Tej Pratap Yadav: मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में आरजेडी चीफ लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई नेता शामिल हुए, बेटे और परिवार के बीच रिश्तों में गर्माहट लौटी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 14, 2026, 11:49:10 AM

Tej Pratap Yadav

तेज प्रताप की होगी घर वापसी? - फ़ोटो Reporter

Tej Pratap Yadav: बिहार की सियासत में मकर संक्रांति के पर्व का अपना अलग महत्व होता है। बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर ही अक्सर बड़े सियासी खेल होते हैं। हर बार की तरह इस बार की मकर संक्रांति भी बिहार की सियासत के लिए काफी खास है। खास इसलिए क्योकि जिस बेटे को आरजेडी चीफ लालू प्रसाद ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया था, आज उनके घर पहुंच गए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मकर संक्रांति पर दिलों की दूरियां मिट गईं?


दरअसल, लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के मौके पर आज दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया है। इस आयोजन में पक्ष से लेकर विपक्ष तक के सभी बड़े नेताओं को बुलाया गया है। तेज प्रताप यादव ने खुद घूम-घूमकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और सीएम नीतीश कुमार से लेकर बीजेपी कोटे के मंत्रियों के घर जाकर दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण दिया था। इस दौरान वह राबड़ी आवास भी पहुंचे थे और अपने माता-पिता के अलावे भाई तेजस्वी यादव को भी भोज में बुलाया था।


तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा था, "आज अपने पिताजी आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी, माता जी आदरणीय श्रीमती राबड़ी देवी जी से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचकर मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी से भी भेंट मुलाकात कर कल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले "ऐतिहासिक दही -चूड़ा भोज" कार्यक्रम हेतु निमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित किया। साथ ही आज अपनी प्यारी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने का अद्भुत पल भी प्राप्त हुआ"।


बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने फेसबुक के जरिए अपने 12 साल पुराने अफेयर का खुलासा किया था। इस खुलासे के बाद बिहार की सियासत से लेकर लालू परिवार तक में हड़कंप मच गया था। इसी बीच आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव ने बेटे के खिलाफ बड़ा एक्शन ले लिया था और पार्टी से निष्कासित करने के साथ साथ तेज प्रताप यादव से सारे नाते तोड़ लिए थे।


जिसके बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी अलग पार्टी बनाई और बिहार की सभी 243 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार दिया था। जिसका असर चुनावी नतीजों पर भी पड़ा था। अब मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप यादव ने भोज का आयोजन किया है। इस भोज में उनके पिता लालू प्रसाद तो जरूर पहुंचे हैं और छोटे भाई तेजस्वी यादव का इंतजार है।

फर्स्ट बिहार के लिए सिद्धि सिंह की रिपोर्ट..