Bihar News: एक शॉट… फिर सीने में उठा दर्द और सब खत्म! बिहार के पोलो मैदान में किशोर की रहस्यमयी मौत

क्रिकेट के मैदान में गूंज रही थी बच्चों की हंसी और बल्ले की आवाज… तभी अचानक एक चीख ने सब कुछ बदल दिया। मुंगेर के पोलो मैदान में खेलते-खेलते 14 वर्षीय किशोर जमीन पर गिर पड़ा — और कुछ ही पलों में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। आखिर क्या हुआ?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 01, 2026, 11:09:32 AM

Bihar News: एक शॉट… फिर सीने में उठा दर्द और सब खत्म! बिहार के पोलो मैदान में किशोर की रहस्यमयी मौत

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Bihar News: बिहार के मुंगेर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। खेल के मैदान में जहां बच्चे अपने सपनों को उड़ान देते हैं, वहीं शनिवार को पोलो मैदान में क्रिकेट खेलते समय 14 वर्षीय किशोर की अचानक मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


खेल के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, कासिम बाजार थाना क्षेत्र के बड़ी संदलपुर निवासी विश्वनाथ आनंद का पुत्र शिवानंद रोज की तरह शनिवार को भी अपने छोटे भाई विवेक और दोस्तों के साथ पोलो मैदान में क्रिकेट खेलने गया था। सब कुछ सामान्य चल रहा था। बच्चे उत्साह के साथ खेल में मग्न थे।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खेल के दौरान अचानक शिवानंद ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। साथी खिलाड़ी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही वह मैदान पर गिर पड़ा। शुरुआत में साथियों को लगा कि शायद वह चक्कर खाकर गिरा है या थकान की वजह से बैठ गया है, लेकिन जब उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो वहां मौजूद सभी बच्चे घबरा गए।


सीपीआर देकर बचाने की कोशिश

साथी खिलाड़ियों ने तुरंत उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एक युवक ने मौके पर ही उसे सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देकर बचाने का प्रयास किया। कुछ देर तक लगातार प्रयास किए गए, लेकिन शिवानंद की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।


इसके बाद साथी खिलाड़ी और उसका छोटा भाई आनन-फानन में उसे मुंगेर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। रास्ते भर परिजन और दोस्त उसके ठीक होने की दुआ करते रहे।


अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।


घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में मां अपने बेटे के शव से लिपटकर विलाप करती रही। पिता और अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। मासूम की असमय मौत से अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया और वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो उठीं।


डॉक्टरों ने जताई चिंता

ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमण कुमार ने बताया कि बच्चे को अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मामला हृदय गति रुकने से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कई बार हृदय से संबंधित कुछ बीमारियां पहले से स्पष्ट रूप से सामने नहीं आतीं।

डॉक्टरों के अनुसार, कार्डियोमायोपैथी जैसी बीमारी में हृदय की मांसपेशियां प्रभावित हो जाती हैं, जिससे अचानक हृदय गति रुक सकती है और सडन कार्डियक डेथ की स्थिति बन सकती है। कई मामलों में व्यक्ति पूरी तरह सामान्य दिखाई देता है, लेकिन अंदर ही अंदर गंभीर हृदय संबंधी समस्या विकसित हो रही होती है।

बढ़ती घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

हाल के दिनों में देशभर में युवाओं और बच्चों के खेलते, दौड़ते या सामान्य गतिविधि करते समय अचानक गिरने और मौत के मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, अत्यधिक तनाव और अनदेखी स्वास्थ्य समस्याएं भी इसके पीछे कारण हो सकती हैं।