1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 01, 2026, 10:56:55 AM
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Patna land registry : पटना जिले में जमीन की खरीद-बिक्री और निबंधन प्रक्रिया में फैले फर्जीवाड़े, भ्रष्टाचार और दलालों के दखल पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने राजस्व प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि अंचल और निबंधन कार्यालयों में बिचौलियों की कोई भूमिका बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसंवाद में आई शिकायतों के बाद कार्रवाई
जनसंवाद कार्यक्रम में जबरन कब्जे, भू-माफिया की सक्रियता और रजिस्ट्री कार्यों में दलालों की दखलंदाजी से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद शनिवार को डीएम ने समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में सभी अंचल अधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अनुमंडल पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि राजस्व कार्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और दलालों पर तुरंत कार्रवाई हो।
डीएम ने कहा कि आम नागरिकों को अपने जमीन से जुड़े काम के लिए किसी बिचौलिए या मुंशी का सहारा लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी या कर्मचारी का प्रतिनिधि बताकर पैसा मांगता है, तो उसके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए।
हर अंचल में जारी होगा शिकायत नंबर
दलालों की धरपकड़ के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय को एक विशेष दूरभाष नंबर जारी करने का निर्देश दिया गया है। इस नंबर पर आम लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारी को तत्काल जांच कर कार्रवाई करनी होगी। डीएम ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी ताकि लोग बिना किसी डर के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा सकें।
24 घंटे CCTV निगरानी
व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सभी अंचल और निबंधन कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे और नियमित निरीक्षण के दौरान फुटेज की समीक्षा की जाएगी। संदिग्ध गतिविधि या दलालों की मौजूदगी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। डीएम ने अपर समाहर्ता और अन्य वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से कार्यालयों का निरीक्षण करें और क्षेत्र भ्रमण के दौरान दलालों व मुंशियों की पहचान करें।
भू-माफिया पर भी कड़ा शिकंजा
पटना जिले में सक्रिय भू-माफिया को चिन्हित कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहरी अंचल कार्यालयों में अनुमंडल पदाधिकारियों को विशेष निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।डीएम ने कहा कि भू-माफिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे आरोपों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आम जनता को राहत की उम्मीद
जमीन रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में दलालों की भूमिका लंबे समय से विवाद और भ्रष्टाचार का कारण रही है। आम लोग अक्सर अतिरिक्त पैसे देने को मजबूर होते थे। डीएम की इस सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि जमीन से जुड़े कार्य अब पारदर्शी और आसान होंगे। प्रशासन का कहना है कि यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी दलालों से सांठगांठ करते पाया गया तो उसके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटना में जमीन संबंधी कार्यों को पारदर्शी बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसकी सख्त निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन से ही यह तय होगा कि आम जनता को वास्तव में राहत मिल पाती है या नहीं।