Bihar E Bus Depot : बिहार में 6 शहरों में बनेंगे अत्याधुनिक ई-बस डिपो, 62.83 करोड़ की मंजूरी; जानिए मिलेगी क्या -क्या सुविधाएं

बिहार सरकार पटना, गया, दरभंगा समेत 6 शहरों में 62.83 करोड़ की लागत से आधुनिक ई-बस डिपो बनाएगी। जानिए पूरी योजना और सुविधाएं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 01, 2026, 8:53:13 AM

Bihar E Bus Depot : बिहार में 6 शहरों में बनेंगे अत्याधुनिक ई-बस डिपो, 62.83 करोड़ की मंजूरी; जानिए मिलेगी क्या -क्या सुविधाएं

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Bihar E Bus Depot : बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अब राज्य के छह प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के लिए अत्याधुनिक डिपो बनाए जाएंगे। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 62 करोड़ 83 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह योजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत संचालित होगी, जबकि निर्माण कार्य भवन निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा।


राज्य सरकार का उद्देश्य शहरी परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, ताकि आम लोगों को सस्ती और विश्वसनीय यात्रा सुविधा मिल सके। इस योजना के तहत पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया में आधुनिक सुविधाओं से लैस सरकारी बस डिपो विकसित किए जाएंगे। इन डिपो के निर्माण से ई-बसों के संचालन, रखरखाव और चार्जिंग व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा। साथ ही ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए बेहतर विश्राम कक्ष और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सेवा की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आएगा।


राजधानी पटना में बनने वाला डिपो अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन, कार्यशाला और प्रशासनिक भवन से सुसज्जित होगा। यहां एक साथ कई बसों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पावर बैकअप की व्यवस्था की जाएगी। गया में सड़क, पेवर ब्लॉक, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, दुकानें, टर्मिनल और ई-बस चार्जिंग स्टेशन का निर्माण होगा। इससे यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित बोर्डिंग की सुविधा मिलेगी।


मुजफ्फरपुर में टर्मिनल सह सार्वजनिक प्रतीक्षालय, शेड, सड़क, पेवर ब्लॉक, दुकानें, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म और गार्ड रूम बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों को बेहतर इंतजार और आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। दरभंगा में शेड, पेवर ब्लॉक, दुकानें, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, गार्ड रूम और लगभग दो मीटर ऊंची सीमा दीवार का निर्माण होगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


भागलपुर में पेवर ब्लॉक, सड़क, दुकानें, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, सीमा दीवार, गार्ड रूम और टर्मिनल के साथ ई-बस स्टेशन पर शेड बनाया जाएगा। इससे बसों के संचालन में सुगमता आएगी और यात्रियों को व्यवस्थित परिवहन सुविधा मिलेगी। पूर्णिया में टर्मिनल सह सार्वजनिक प्रतीक्षालय क्षेत्र, शेड, पेवर ब्लॉक, दुकानें और एलिवेटेड प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को आधुनिक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा।


हर डिपो में प्रशासनिक भवन, कार्यशाला, बस धुलाई रैंप, चार्जिंग स्टेशन और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पावर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यात्रियों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय और फीडिंग रूम का भी निर्माण प्रस्तावित है। यह पहल न केवल परिवहन व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।


परिवहन मंत्री ने कहा कि ये आधुनिक डिपो इलेक्ट्रिक बसों के सुरक्षित संचालन और बेहतर रखरखाव के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी और हरित ऊर्जा आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन को नई पहचान मिले और आम जनता को सुविधाजनक, किफायती और विश्वसनीय यात्रा अनुभव प्राप्त हो।