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राबड़ी सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस के पूर्व मंत्री रविंद्र नाथ मिश्र हत्या मामले में दोषी करार, 21 फरवरी को सजा पर होगी सुनवाई

SARAN : बिहार में राबड़ी देवी की सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री और पूर्व विधायक रह चुके रविंद्र नाथ मिश्र की मुश्किलें बढ़ गयी है। कोर्ट ने अब इन्हें हत्या मे

राबड़ी सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस के पूर्व मंत्री रविंद्र नाथ मिश्र हत्या मामले में दोषी करार,  21 फरवरी को सजा पर होगी सुनवाई
Tejpratap
Tejpratap
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SARAN : बिहार में राबड़ी  देवी की सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री  और पूर्व विधायक रह चुके रविंद्र नाथ मिश्र की मुश्किलें बढ़ गयी है।  कोर्ट ने अब इन्हें हत्या में ममाले में दोषी करार दिया है। जबकि इसके छोटे भाई को बरी कर दिया गया है। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पर मतदान के दौरान एक की हत्या करने का आरोप है। अब इनको अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सह विशेष कोर्ट नलिन कुमार पांडे ने इस मामले में दोषी करार दिया है। 


मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता और लालू यादव के करीबी रहे रविंद्र नाथ मिश्र को आईपीसी की धारा  302, 171 (f ), 136 (2) में दोषी करार दिया गया है। इसको लेकर सजा के बिंदुओं पर आगामी 21 फरवरी को सुनवाई की जाएगी। फिलहाल कोर्ट के तरफ से इन्हें दोषी करार देने के बाद न्यायिक हिरासत में ले लिया गया है। 


जानकारी हो कि, रविंद्र नाथ मिश्र ने साल 1990 के चुनाव के दिन 27 फरवरी को मांझी प्रखंड के बूथ संख्या 175 और 176 पर बूथ लूटने की मंशा से कुछ लोगों ने हमला बोल दिया था। उनके द्वारा की गई फायरिंग से वहां भगदड़ मच गयी थी, उसमें मतदान करने के लिए आये उमा बीन नामक एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी। जिसके बाद इस मामले में बूथ संख्या 175 के पीठासीन अधिकारी प्रणय कुमार मल्लिक व बूथ संख्या 176 के पोलिंग एजेंट महेश प्रसाद यादव द्वारा मांझी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी थी। 


जिसमें केंद्र के पीठासीन अधिकारी मल्लिक ने किसी को भी पहचानने से इंकार कर दिया था, जबकि महेश प्रसाद यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार रविन्द्र नाथ मिश्र और उनके भाई हरेंद्र मिश्र को हत्या में संलिप्त बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में दर्ज मांझी थाना कांड संख्या 28/90 के सत्रवाद संख्या 143/06 में अभियोजन की ओर से एपीपी ध्रुपदेव सिंह ने सरकार का पक्ष रखा। अभियोजन द्वारा कुल सात गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई गई थी। बचाव पक्ष से अधिवक्ता चंद्र मोहन तिवारी भी न्यायालय में उपस्थित थे। रविंद्र मिश्रा वर्ष 2000 में मांझी विधानसभा से निर्दलीय विधायक चुने गए थे और राबड़ी देवी के सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री थे।