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‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान

Bihar Politics: पश्चिम चंपारण के नौतन से बीजेपी विधायक नारायण प्रसाद ने कहा है कि उनके मौजूदा कार्यकाल में चंपारण तटबंध का उच्चीकरण और पक्कीकरण नहीं हुआ तो वह अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

Bihar Politics
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: बेतिया में चंपारण तटबंध टूटने के बाद बाढ़ की स्थिति और जनता के आक्रोश के बीच नौतन से बीजेपी विधायक नारायण प्रसाद ने बड़ा बयान दिया है। विधायक ने कहा है कि अगर उनके मौजूदा कार्यकाल में चंपारण तटबंध का उच्चीकरण, कटावरोधी कार्य और पक्कीकरण नहीं हुआ तो वह अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।



विधायक ने कहा कि वह वर्ष 1993 से चंपारण तटबंध के स्थायी समाधान की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन तीन दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। हाल में बैरिया के फुलियाखांड़ के पास तटबंध टूटने के बाद नौतन और बैरिया प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे।



नारायण प्रसाद के मुताबिक चंपारण तटबंध काफी पुराना हो चुका है और कई स्थानों पर कमजोर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा तटबंध पर मवेशी बांधने के साथ गोबर, लकड़ी और पुआल रखने से भी इसकी स्थिति प्रभावित होती है।



विधायक ने कहा कि तटबंध को मजबूत करने के लिए स्थायी निर्माण कार्य जरूरी है। केवल समय-समय पर मरम्मत करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने तटबंध के उच्चीकरण और पक्कीकरण को क्षेत्र की पुरानी और गंभीर समस्या बताया।



विधायक ने बताया कि वर्ष 1993 में जब तटबंध टूटा था, उस समय वह सामाजिक कार्यकर्ता थे। तटबंध के पक्कीकरण की मांग को लेकर उन्होंने उस दौरान अनशन भी किया था। आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया था। इसके बाद वर्ष 2003 में तटबंध टूटने के समय वह जिला पार्षद थे। उस समय भी उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर तटबंध के पक्कीकरण की मांग उठाई थी।



नारायण प्रसाद ने कहा कि चंपारण तटबंध के उच्चीकरण और पक्कीकरण को लेकर उन्होंने पूर्व जल संसाधन मंत्रियों से लेकर वर्तमान मंत्री तक कई बार लिखित आवेदन दिए हैं। इसके अलावा विधानसभा में भी वह आधा दर्जन से अधिक बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं।



उनका कहना है कि हर बार आश्वासन मिला, लेकिन तटबंध को स्थायी रूप से मजबूत करने की दिशा में अपेक्षित काम नहीं हो सका। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की जनता उनके लिए परिवार की तरह है और वह इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। उन्होंने नौतन और बैरिया प्रखंड को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग का भी समर्थन किया।



बता दें कि बीते 29 सितंबर की सुबह चंपारण तटबंध टूट गया था। उस समय विधायक नारायण प्रसाद मौके पर मौजूद नहीं थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के क्षेत्र में पहुंचने के दौरान भी विधायक की गैरमौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठे हैं।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता