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बिहार के 24वें सीएम बने सम्राट चौधरी: महज 8 साल में पार्टी कार्यकर्ता से बन गए मुख्यमंत्री, जानिए.. किसने कराई थी BJP में एंट्री?

सम्राट चौधरी ने महज 8 साल में भाजपा में शामिल होकर प्रदेश अध्यक्ष, डिप्टी सीएम से लेकर बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बनने तक का तेज और प्रभावशाली राजनीतिक सफर तय किया। कई पार्टियों में रहे सम्राट की आखिर किसने कराई थी बीजेपी में एंट्री?

Samrat Chaudhary
कार्यकर्ता से बने 'सम्राट"
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Samrat Chaudhary: बिहार में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर बेहद तेज और प्रभावशाली रहा है। महज 8 साल पहले भाजपा में शामिल होने वाले सम्राट चौधरी ने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए पार्टी नेतृत्व का भरोसा जीता और प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, डिप्टी सीएम से होते हुए अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए।


वरिष्ठ समाजवादी नेता शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी। वे राबड़ी देवी की सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री भी रहे। बाद में वे कुछ समय के लिए जनता दल यूनाइटेड और फिर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा में रहे। वर्ष 2018 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा, जिसमें दिवंगत नेता सुशील कुमार मोदी की अहम भूमिका रही।


भाजपा में आने के बाद उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। 2020 में एनडीए सरकार बनने पर वे पंचायती राज मंत्री बनाए गए। 2021 में गठबंधन टूटने के बाद उन्हें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया, जहां उन्होंने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा और अपनी मजबूत छवि बनाई। उनके आक्रामक तेवर को देखते हुए मार्च 2023 में उन्हें बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।


प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सम्राट चौधरी ने संगठन को मजबूती दी और राजद व महागठबंधन पर तीखे हमले किए। जनवरी 2024 में एनडीए सरकार बनने पर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया और वित्त एवं वाणिज्यकर मंत्री के रूप में उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। लोकसभा चुनाव के दौरान उनके नेतृत्व में भाजपा ने बिहार में 12 सीटों पर जीत दर्ज की।


नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और 89 सीटों पर जीत हासिल की। उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें दोबारा उपमुख्यमंत्री बनाया और पहली बार गृह विभाग भी उनके जिम्मे सौंपा गया। गृह मंत्री के रूप में उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया।


सम्राट चौधरी अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। एक समय उन्होंने नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने के संकल्प के प्रतीक के रूप में मुरेठा (पगड़ी) बांधी थी, जिसे उन्होंने जनवरी 2024 में एनडीए सरकार बनने के बाद अयोध्या में मुंडन कर उतार दिया। आज वे बिहार की राजनीति के शीर्ष पद पर आसीन होकर एक नए अध्याय की शुरुआत कर चुके हैं।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता