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पहले भारत को सोने की चिड़ियां कहा जाता था, समस्तीपुर में बोले राज्यपाल राजेन्द्र अर्लेकर, लेकिन अब 'भारत को सोने का शेर बनाना है'

SAMASTIPUR: समस्तीपुर के रोसड़ा स्थित सुन्दरी देवी सरस्वती विद्या मंत्री सैनिक स्कूल के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन राज्यपाल राजेन्द्र अर्लेकर ने किया। कार्यक्रम को संबो

पहले भारत को सोने की चिड़ियां कहा जाता था, समस्तीपुर में बोले राज्यपाल राजेन्द्र अर्लेकर, लेकिन अब 'भारत को सोने का शेर बनाना है'
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SAMASTIPUR: समस्तीपुर के रोसड़ा स्थित सुन्दरी देवी सरस्वती विद्या मंत्री सैनिक स्कूल के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन  राज्यपाल राजेन्द्र अर्लेकर ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पहले भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था लेकिन अब 'भारत को सोने का शेर बनाना है'


राज्यपाल राजेन्द्र अर्लेकर ने कहा कि भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। लोग इसे लूटने के लिए आते थे। लेकिन यह अब पुरानी बात हो गई आने वाले 25 साल में जो हमारा स्वर्ण जयंती वर्ष होगा। इसमें भारत को चिड़िया नहीं सोने का शेर बनाना होगा ताकि हमारे सामने हर कोई नतमस्तक हो सके।


इसके लिए जरूरी है कि अभी से ही हम सब को स्वजागरण करना होगा। इससे अपना स्वंग का देश, भाषा, परंपरा और शिक्षा होगी। तभी हम विश्व गुरु बन पाएंगे। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति लाखों करोड़ों वर्ष पहले हमारे ऋषि मुनियों ने दी थी। नई शिक्षा नीति उससे हट कर है। 


यह नीति हमको इस जमीन से जुड़ने को बाध्य करती है। इस नीति से एक बार पुन: हम उभर कर सामने आए तो हम पूरे विश्व का नेतृत्व करने को से हो जाए। यह नीति हम सबके लिए है। इस दिशा में हम सब को प्रयास करने की जरूरत है। इस मौके पर उन्होंने स्कूल के संस्थापक राम स्वरूप महतो की प्रतिमा अनावरण का अनावरण किया।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RAMESH SHANKAR

FirstBihar संवाददाता