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RCP सिंह की बैठकों को खास नहीं मानते हैं उपेंद्र कुशवाहा, बोले.. रूटीन मीटिंग में बड़े नेता शामिल नहीं होते हैं

PATNA : उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का भले ही जनता दल यूनाइटेड में विलय कर लिया हो लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के साथ उनका एडजस्टमेंट होता न

RCP सिंह की बैठकों को खास नहीं मानते हैं उपेंद्र कुशवाहा, बोले.. रूटीन मीटिंग में बड़े नेता शामिल नहीं होते हैं
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA : उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का भले ही जनता दल यूनाइटेड में विलय कर लिया हो लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के साथ उनका एडजस्टमेंट होता नहीं दिख रहा है। उपेंद्र कुशवाहा को नीतीश कुमार ने जेडीयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया। नीतीश कुमार ने कुशवाहा को यह जिम्मेदारी विलय के तुरंत बाद सौंपी थी लेकिन अब तक आरसीपी सिंह की किसी भी बैठक में उपेंद्र कुशवाहा मौजूद नहीं रहे हैं। कोरोनावायरस के 2 महीने तक पार्टी की तमाम गतिविधियां ठप रही। उसके बाद आरसीपी सिंह लगातार एक्टिव हैं। उन्होंने कई स्तरों पर वर्चुअल सम्मेलन किया है। साथ ही साथ हर दिन अलग-अलग बैठकर भी करते हैं। इनमें से किसी भी बैठक में उपेंद्र कुशवाहा नजर नहीं आए।



उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि हर दिन पार्टी पदाधिकारियों की होने वाली बैठक को वे महत्वपूर्ण नहीं मानते। आरसीपी सिंह की बैठकों को खास नहीं मानते हुए कुशवाहा ने कहा कि यह रूटीन बैठक हैं। जब पार्टी के बड़े नेताओं की खास बैठक होगी तो वह जरूर शामिल होंगे। अपने बयान से उपेंद्र कुशवाहा ने आरसीपी सिंह को उनकी औकात दिखा दी है। कुशवाहा इशारों ही इशारों में यह बताना चाहते हैं कि उनके लिए नीतीश कुमार अहमियत रखते हैं ना कि आरसीपी सिंह। कुशवाहा के इस बयान के बाद जेडीयू में अंदरूनी खींचतान तेज हो सकती है। दरअसल आरसीपी सिंह लगातार संगठन को मजबूत बनाने के लिए बैठक कर रहे हैं।आरसीपी सिंह ने किसी भी बैठक में अब तक उपेंद्र कुशवाहा को पूछा तक नहीं है। जब आज इसी बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने इन बैठकों को रूटीन बताकर आरसीपी सिंह की कवायद को हल्का बताने की कोशिश की।


सूत्रों की मानें तो जेडीयू प्रदेश कमेटी के गठन के बाद उपेंद्र कुशवाहा थोड़ी नाराज हैं। हालांकि कुशवाहा कुछ खुलकर नहीं बोल रहे हैं लेकिन उनके साथ आए आरएलएसपी के लगभग 20 नेताओं को नई कमेटी में जगह मिल पाया है। कई ऐसे नेता है जो अभी भी एडजस्टमेंट के इंतजार में है। उपेंद्र कुशवाहा को विलय के वक्त नीतीश कुमार की तरफ से जो कमिटमेंट किया गया था वह शायद आरसीपी सिंह और उमेश कुशवाहा की टीम ने पूरा नहीं किया। यही वजह है कि कुशवाहा थोड़े उखड़े हुए हैं। सियासी जानकार मानते हैं कि आरसीपी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा के बीच तालमेल नहीं दिख रहा। और यही वजह है कि अब तक के विलय के बावजूद आरएलएसपी से आए नेता जेडीयू में एक अलग धड़े के तौर पर पहचान बनाए हुए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर उपेंद्र कुशवाहा से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है।

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Vikramjeet

FirstBihar संवाददाता