PATNA: नक्सलवाद को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गयी है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम उस बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है, इस बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नक्सलियों को सही ठहराने वाले लोग मानसिक रूप से भी नक्सली सोच रखते हैं।
रविशंकर ने चिदंबरम के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा
रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। प्रसाद ने कहा कि देश में नक्सली हिंसा काफी हद तक समाप्त हो चुकी है, लेकिन कुछ लोग अब भी वैचारिक रूप से नक्सली सोच को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने पी. चिदंबरम के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताए जाने पर गर्व कर रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग नक्सली विचारधारा या नक्सली गतिविधियों को सही ठहराते हैं, उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ या ‘अर्बन नक्सल’ कहा जा सकता है।
बीजेपी सांसद रविशंकर ने दावा किया कि आज बस्तर में तिरंगा शान से लहरा रहा है, जबकि एक समय वहां नक्सली गतिविधियां काफी प्रभावी थीं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। रविशंकर प्रसाद ने बिहार के जहानाबाद का भी जिक्र करते हुए कहा कि जिला अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।
चिदंबरम से रविशंकर ने किया सवाल
रविशंकर प्रसाद ने पी. चिदंबरम के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का संदर्भ समझने के बावजूद उन्होंने इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों दी। उन्होंने कहा कि चिदंबरम वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें प्रधानमंत्री के बयान के संदर्भ को समझना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम’ के अपमान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से ‘वंदे मातरम’ के प्रति उचित सम्मान नहीं दिखाती रही है, जबकि मोदी सरकार में इसे सम्मान मिला है।
पीएम मोदी ने लाल किले से क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए नक्सलवाद के मुद्दे पर अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि देश हथियारबंद नक्सलवाद से मुक्त होने में सफल रहा है।पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि नक्सली गतिविधियां कमजोर होने के बावजूद कुछ लोग वैचारिक स्तर पर नक्सली सोच को आगे बढ़ाने और हिंसा के नए तरीके तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को पहचानने और अलग-थलग करने की जरूरत बताई थी।
मोदी के बयान के बाद चिदंबरम ने किया था पलटवार
पीएम मोदी के इसी बयान पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर तंज कसते हुए कहा था कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। वही कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी राजनीतिक विरोधियों के लिए ‘अर्बन नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता रहा है। जयराम रमेश ने दावा किया कि संसद में जब ‘अर्बन नक्सल’ की परिभाषा को लेकर सवाल पूछा गया था, तब सरकार की ओर से कहा गया था कि ऐसी कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह नक्सलवाद और ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर लगातार निशाना साध रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वंदेमातरम से जो पार्टी आजादी के आंदोलन की अगुआई की बात करती है, वो इसका तिरस्कार करें तो इससे घृणित कोई बात हो नहीं सकती है। उन्होंने कांग्रेस से माफी मांगने की बात कही।





