Bihar Politics: दो निर्दलीय एमएलसी के बीजेपी में शामिल होने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। एक तरफ बीजेपी ने दावा किया है कि दोनों ने सिर्फ समर्थन किया है और बीजेपी में शामिल नहीं हुए हैं तो दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जन सुराज पार्टी ने विधान परिषद सभापति को पहले ही पिटीशन दे चुकी है। पार्टी के चीफ प्रशांत किशोर ने कहा है कि दोनों की सदस्यता जाने से कोई नहीं बचा सकता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जो निर्दलीय एमएलसी बीजेपी में शामिल हुए हैं, उनकी सदस्यता जानी तय है। उनको कोई नहीं बचा सकता है, चाहे भाजपा की सरकार यहां हो। ऐसा कहा जा रहा है कि बीजेपी सत्ता में है तो उनका बचा लेगी लेकिन ऐसी बात नहीं है। आपने गलती की है और गैर संवैधानिक काम किया है, तो उसपर कार्रवाई होगी ही होगी।
पीके ने कहा कि बिहार विधान परिषद के सभापति को जन सुराज पार्टी ने एक दल के तौर पर पहले ही पिटीशन दिया है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जो जन सुराज के प्रत्याशी अफाक अहमद और तिरहुत स्नातक सीट से प्रत्याशी हैं, दोनों लोग फिर से विधान परिषद के सभापति को ज्ञापन सौपेंगे। हमलोगों को भरोसा है कि सभापति न्याय करेंगे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जो संवैधानिक अवहेलना हुई है उस पर सभापति कार्रवाई करेंगे। अगर कार्रवाई नहीं होती है तो जरुरत पड़ी तो हमलोग कोर्ट भी जाएंगे लेकिन हर हालत में उनकी सदस्यता जानी ही है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के बयान पर पीके ने कहा कि उन्होंने क्या कहा, इसका कोई महत्व नहीं है। मामला विधान परिषद का है और विधान परिषद के सभापति निर्णय देंगे। अगर निर्णय विधि संवत नहीं होगा तो न्यायालय में उसको चुनौती दी जाएगी।
वहीं प्रशांत किशोर ने सीएम सम्राट चौधरी के 'क्राइम और अपराध' पर दिए बयान पर तंज कसा और कहा कि जब आप 7वीं फेल व्यक्ति को नेता बनाएंगे तो आप उनसे ऐसी ही अपेक्षा रख सकते हैं, वे हर 5-10 दिन में जनता को हंसने का अवसर दे देते हैं। इस दौरान प्रशांत किशोर ने मधुबनी की घटना पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि जन सुराज मजबूती से पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।





