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‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’, PMCH प्राचार्य पर एक्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पहला रिएक्शन

Bihar Politics: PMCH प्राचार्य पर कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि निरीक्षण के दौरान उनकी अनुपस्थिति लापरवाही है। मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: पीएमसीएच के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह पर कार्रवाई के बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 23 तारीख को वह पीएमसीएच के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन उस समय प्राचार्य अस्पताल में मौजूद नहीं थे।


स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। जांच के दौरान प्राचार्य को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि निरीक्षण वाले दिन वे अस्पताल में क्यों अनुपस्थित थे।


निशांत कुमार ने कहा कि प्राचार्य को पहले से जानकारी थी कि वह निरीक्षण के लिए आने वाले हैं। इसके बावजूद वे अस्पताल नहीं पहुंचे। उन्होंने न तो किसी प्रकार की छुट्टी या अनुपस्थिति की सूचना दी और न ही विभाग को इसकी जानकारी दी।


मंत्री के अनुसार, 22 तारीख की शाम को ही पीएमसीएच के अधीक्षक ने प्राचार्य को उनके दौरे की जानकारी दे दी थी। शाम करीब 7 बजे दोनों के बीच बातचीत भी हुई थी, जिसमें प्राचार्य ने अगले दिन अस्पताल में मौजूद रहने की बात कही थी। अधीक्षक ने उन्हें स्वागत कार्यक्रम और धन्यवाद ज्ञापन की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।


स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं कई बार प्राचार्य से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि विभागीय सचिव से संपर्क नहीं हो सका।


निशांत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही, कर्तव्यहीनता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में भी कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे भी राज्य के विभिन्न अस्पतालों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा। सरकार की कोशिश है कि सभी अस्पतालों में व्यवस्थाएं सुचारू रहें और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।

रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना

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