DESK: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वेतन आयोग से जुड़े वादे की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों से 7वें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया था। अब जब चुनावी परिणाम सामने आ गये हैं और बीजेपी बढ़त की ओर बढ़ती दिख रही है, तो ऐसे में कर्मचारियों को इस वादे के पूरा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी मिदनापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि यदि राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है, तो 7वें वेतन आयोग का गठन किया जाएगा। उन्होंने इसे अपनी प्रमुख गारंटियों में शामिल किया था। अभी वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों को 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन मिलता है।
ऐसे में यदि 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नई सरकार इस दिशा में कब फैसला लेती है। इधर, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
हाल ही में दिल्ली में NC-JCM की एक अहम बैठक हुई, जिसमें कर्मचारियों के संगठनों ने वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और रिटायरमेंट से जुड़े मुद्दों को उठाया। गौरतलब है कि 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया है, जिसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
यह जरूरी नहीं है कि राज्य और केंद्र सरकार में एक ही वेतन आयोग लागू हो। उदाहरण के तौर पर केरल में फिलहाल 11वां वेतन आयोग लागू है, जबकि केंद्र सरकार अभी भी अपने कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दे रही है। पश्चिम बंगाल में फिलहाल 6वां वेतन आयोग लागू है।




