ब्रेकिंग
अशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक अशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक

संजय के बयान पर सहनी का पलटवार..कल तक अतिपिछड़े के बेटे को गले लगाते थे आज रावण-विलेन बना रहे हैं

DESK: बिहार के मंत्री मुकेश सहनी पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल द्वारा लगाए गये गंभीर आरोप के बाद मुकेश सहनी का बयान सामने आया है। मुकेश सहनी ने कहा कि कल तक जिस अतिपिछड़

संजय के बयान पर सहनी का पलटवार..कल तक अतिपिछड़े के बेटे को गले लगाते थे आज रावण-विलेन बना रहे हैं
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

DESK: बिहार के मंत्री मुकेश सहनी पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल द्वारा लगाए गये गंभीर आरोप के बाद मुकेश सहनी का बयान सामने आया है। मुकेश सहनी ने कहा कि कल तक जिस अतिपिछड़े के बेटे को गले लगाते थे उसे आज रावण और विलेन बना रहे हैं। जीतना बोलना हैं बोल लीजिए इसका जवाब हम विस्तार से देंगे। मुकेश सहनी ने कहा कि संजय जायसवाल मुझ पर नहीं बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगा रहे हैं। मुकेश सहनी ने कहा कि कल तक उनके पास थे तब दूध बनाकर रखे थे आज पानी बना दिए। 


गौरतलब है कि बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने मंत्री व वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुकेश सहनी ने मछुआरा समाज के लिए बहुत बड़ी साजिश की है। विभागीय मंत्री ने मछुआरा समाज का बहुत नुकसान किया है। इनके कार्यकल में मत्स्यजीवी समाज को ज्यादा नुकसान हुआ है। संजय जायसवाल ने कहा कि मंत्री मुकेश सहनी के मंत्रालय की तरफ से उन्हें 5-5 चिट्ठियां लिखने के बावजूद भी यह नहीं बताया गया कि परंपरागत मत्स्य जीवी समाज कौन है? जबकि मत्स्य जीवी समाज में मंत्री पद को खत्म कर मुकेश सहनी ने इसके संचालन के लिए एक अफसर को तैनात किया है। पहले मत्स्य जीवी समाज में इनके बीच के ही लोग मंत्री हुआ करते थे। ऐसे में मंत्री मुकेश सहनी को तुरंत इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। नहीं तो मैं उन पर कार्रवाई करूंगा।


बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि पूरे देश को पता है कि कौन किसकों धोखा दे रहा है। कोई मुझे जीतना भी गलियां ले, बेइज्जत करे उसे किसी तरह का जवाब नहीं देंगे। हम संघर्ष कर रहे हैं और संघर्ष करेंगे। सहनी ने कहा कि कल तक अतिपिछड़ा समाज के बेटे को गले लगाकर रखा। आज उसे रावण और विलेन बना रहे हैं। जो काम उनके सरकार के लोगों ने किया वह काम मुकेश सहनी पर ही डाल रहे हैं। जीतना बोलना है बोल लें इसका जवाब हम विस्तार से देंगे। मुकेश सहनी ने यह भी कहा कि संजय जायसवाल मुझ पर नहीं बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी पर आरोप लगा रहे हैं। मुकेश सहनी ने कहा कि कल तक उनके पास थे तब दूध बनाकर रखे थे आज पानी बना दिए। ऐसे लोगों के बारे में क्या ध्यान देना पिछड़ावर्ग के बेटे को जितना बेइज्जत करना चाहे करे, गाली देना चाहे दे क्यों कि मैं खुद गरीब समाज से आया हूं और मैं हर चीज को सहने को तैयार हूं। 


वही बोचहां सीट पर होने वाले उपचुनाव पर मुकेश सहनी ने कहा कि नामांकन के बाद पार्टी ने चुनाव-प्रचार शुरू कर दी है। लोगों का जनसमर्थन मिल रहा है। 2020 में जिस तरह से पार्टी को जनता ने आशीर्वाद दिया था उसी तरह इस बार भी आशीर्वाद देंगे। भारी मतों से वीआईपी विजय हासिल करेंगी। सहनी ने कहा कि संघर्ष करेंगे और जीतेंगे जनता का आशीर्वाद मिल रहा है। जनता सब देख रही है जनता से हम न्याय की मांग कर रहे हैं। 


बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के बयान के बाद मंत्री मुकेश सहनी का भी बयान सामने आया है। संजय जायसवाल के बयान का पलटवार मुकेश सहनी ने किया है। बता दें कि राज्य में मत्स्य जीवी सहयोग समिति की सदस्यता को लेकर मंत्रालय ने गैर मछुआरा समाज को आवेदन की छूट दी है. पहले इसकी जिम्मेदारी मंत्री के पास होती थी लेकिन अब समिति के मंत्री का पद खत्म कर दिया गया है और उसके जगह अब अधिकारी को कमान दे दी गई है. सरकार ने अब एक कार्यकारिणी का गठन कर दिया है जो पूरी तरीके से गलत है. इससे मछुआरा समाज को नुकसान पहुंच रहा है। 


गौरतलब है कि 3 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद अब सहनी पर इस बात के लिए दबाव है कि वह मंत्री पद से इस्तीफा दे दें. उधर मुकेश सहनी खुद कह चुके हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगे और इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फैसला करना है. नीतीश कुमार ने इस पूरे मसले पर अब तक चुप्पी साध रखी है. क्या मुकेश सहनी का इस्तीफा नहीं होने की स्थिति में नीतीश उन्हें बर्खास्त करेंगे यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है. ऐसे में बीजेपी भी नीतीश के मूड को देखते हुए धीरे-धीरे सहनी के इस्तीफे के लिए दबाव बना रही है.

टैग्स