ब्रेकिंग
Bihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेशBihar News : ‘पार्टी में बर्तन बजते रहते हैं’, अनंत-नीरज विवाद पर संजय झा ने संभाला मोर्चा; ललन सिंह को लेकर भी दिया जवाबBihar News: बिहार में 5 साल में लगेंगे 10 हजार उद्योग, CM सम्राट ने बताया बड़ा लक्ष्यBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेशBihar News : ‘पार्टी में बर्तन बजते रहते हैं’, अनंत-नीरज विवाद पर संजय झा ने संभाला मोर्चा; ललन सिंह को लेकर भी दिया जवाबBihar News: बिहार में 5 साल में लगेंगे 10 हजार उद्योग, CM सम्राट ने बताया बड़ा लक्ष्य

‘दम है तो सदन में जातीय गणना के पंचायत वार आंकड़े पेश करे सरकार’ शीतकालीन सत्र से पहले सुशील मोदी की बड़ी चुनौती

PATNA: सोमवार से बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। पांच दिवसीय सत्र के दौरान सरकार जातीय गणना के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराएगी। शीतकालीन सत्र से पहले बिहार के पूर्व

‘दम है तो सदन में जातीय गणना के पंचायत वार आंकड़े पेश करे सरकार’ शीतकालीन सत्र से पहले सुशील मोदी की बड़ी चुनौती
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: सोमवार से बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। पांच दिवसीय सत्र के दौरान सरकार जातीय गणना के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराएगी। शीतकालीन सत्र से पहले बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बड़ी मांग कर दी है। सुशील मोदी ने कहा है कि सरकार में अगर हिम्मत है तो वह वह शहरों के वार्ड-वार और गांवों के पंचायत-वार जातीय आंकड़े विधानसभा में पेश करे।


सुशील मोदी ने कहा कि राज्य में जातीय सर्वे के नाम पर अतिपिछड़ों की हकमारी की गई और सरकार-समर्थक समूहों की संख्या वास्तविकता से बहुत अधिक दिखाई गई। यदि नीतीश सरकार में हिम्मत है तो वह शहरों के वार्ड-वार और गांवों के पंचायत-वार जातीय आंकड़े तुरंत विधानसभा में पेश करे। उन्होंने कहा कि जातीय सर्वे में एक जाति विशेष और एक अल्पसंखयक वर्ग की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का गृहमंत्री अमित शाह का आरोप सही है। 


उन्होंने कहा कि वैश्य, धानुक, नोनिया, चंद्रवंशी, निषाद सहित दो दर्जन से अधिक जातियां सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अपमानित और छला हुआ महसूस कर रही हैं। कई अतिपिछड़ी जातियां धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट कर चुकी हैं। अगर सर्वे में गड़बड़ी नहीं होती तो अतिपिछड़ी जातियों की आबादी 36 फीसद से ज्यादा होती। उन्होंने कहा कि यदि वार्ड और पंचायत के जातीय आंकड़े सामने आयें, तो हम सब-कुछ प्रमाणित कर देंगे।