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‘सरकार की नाकामी और जिम्मेदारी कोर्ट के कंधों पर..’ पीएम मोदी के FTC वाले ऐलान पर सुधाकर सिंह का पलटवार

Bihar Politics: नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान पर आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने सरकार की मंशा और जांच प्रक्रिया पर भी निशाना साधा है।

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान पर आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल घोषणा नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।



सुधाकर सिंह ने पीएम मोदी को एक्स पर टैग करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, फिर वही पुराना तरीका—सरकार की नाकामी, और जिम्मेदारी कोर्ट के कंधों पर। आप कहते हैं कि पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। लेकिन सवाल यह है कि कोर्ट करेगा क्या, जब सरकार समय पर जांच पूरी नहीं करेगी, आरोपियों को नहीं पकड़ेगी, चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी?



NEET-2024 घोटाले का सरगना संजीव मुखिया चार्जशीट समय पर दाखिल न होने के कारण बरी हो गया। यह जांच एजेंसियों और सरकार की नाकामी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर आप अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। गिरफ्तारी करना, एफआईआर दर्ज करना, निष्पक्ष जांच कराना, सबूत जुटाना और समय पर चार्जशीट दाखिल करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है। यदि यही काम नहीं होगा, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट केवल एक राजनीतिक जुमला बनकर रह जाएगा।



देश का युवा पूछ रहा है—क्या सरकार की मंशा सचमुच पेपर लीक माफिया को सजा दिलाने की है, या उन्हें बचाने की? यदि आपकी सरकार अपनी जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है, तो फिर सत्ता में बैठने का औचित्य क्या है? केवल घोषणाएँ करने के लिए?



युवाओं का भविष्य भाषणों से नहीं, कार्रवाई से सुरक्षित होगा। जब तक पेपर लीक के असली गुनहगारों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हर नई घोषणा युवाओं के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी लगेगी…”।

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FIRST BIHAR

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