पटना/लखनऊ: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार सरकार के मंत्री मुकेश सहनी सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद महाराजगंज पहुंचे, जहां उन्होंने निषाद समाज के धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों के हाथों में गंगाजल देकर सामूहिक संकल्प कराया और समाज से अपने अधिकारों तथा आरक्षण की लड़ाई को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज को अब अपने बच्चों के भविष्य के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करें और यह संकल्प दिलाएं कि यदि वर्ष 2027 से पहले केंद्र सरकार निषाद समाज को एससी आरक्षण नहीं देती है तो भाजपा को वोट नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग इस संकल्प में शामिल हो रहे हैं, वे समाज के भविष्य की लड़ाई में सहभागी हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी निषाद समाज अपने अधिकारों से वंचित है। हर चुनाव में वोट देने के बावजूद समाज को अपेक्षित सम्मान और संवैधानिक अधिकार नहीं मिले। उन्होंने लोगों से कहा कि वे किसी लालच में न आएं, अपने विवेक से निर्णय लें और अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। "एक रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों को पढ़ाइए और उन्हें काबिल बनाइए," उन्होंने कहा।
महाराजगंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुकेश सहनी ने उपस्थित लोगों से हाथ में गंगाजल लेकर अपने पूर्वजों, भगवान गुहराज निषाद, महर्षि कश्यप, वीर एकलव्य, अमर शहीद जुब्बा सहनी, वीरांगना फूलन देवी सहित समाज के महापुरुषों को साक्षी मानकर संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि गंगाजल हाथ में लेकर लिया गया संकल्प समाज के सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा का संकल्प है, जिसे किसी भी परिस्थिति में नहीं तोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं बल्कि सामाजिक जागरण का आंदोलन है। समाज के लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा, संगठन और राजनीतिक भागीदारी के प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे घर-घर जाकर समाज के लोगों को एकजुट करें और आरक्षण की मांग को जन-जन की आवाज बनाएं।
वीआईपी प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह अभियान केवल महाराजगंज तक सीमित नहीं रहेगा। जिला और बूथ स्तर पर टीमें गठित कर एक-एक गांव तक पहुंचना होगा और इसी प्रकार गंगाजल देकर लोगों को संकल्प दिलाना होगा। उन्होंने कहा कि समाज की राजनीतिक ताकत तभी बढ़ेगी जब हर परिवार अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाएगा।
मुकेश सहनी ने कहा कि उनकी लड़ाई निषाद समाज को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने की है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरे उत्तर प्रदेश में इस जनजागरण अभियान को तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि समाज अपने अधिकार, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष करे।





