ब्रेकिंग
पश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक होमगार्ड जवान हत्याकांड: 9 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद की सजापश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक होमगार्ड जवान हत्याकांड: 9 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा

मणिपुर हिंसा की जांच के लिए CBI ने 29 महिला समेत 53 अधिकारियों को किया तैनात, जानिए अब क्या है माहौल

DESK : मणिपुर में दो समुदाय के बीच उत्पन्न हुआ विवाद अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में अभी भी तनावपूर्ण माहौल कायम है। इस पुरे मामले को लेकर विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़

मणिपुर हिंसा की जांच के लिए CBI ने 29 महिला समेत 53 अधिकारियों को किया तैनात, जानिए अब क्या है माहौल
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

DESK : मणिपुर में दो समुदाय के बीच उत्पन्न हुआ विवाद अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में अभी भी तनावपूर्ण माहौल कायम है। इस पुरे मामले को लेकर विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है। ऐसे में अब इस पुरे मामले की जांच को लेकर CBI ने 29 महिला समेत 53 अधिकारियों की एक टीम तैनात किया है। इस बात की जानकारी अधिकारियों ने दी है। 


अधिकारियों ने बताया कि तीन उप महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी राज्य में हिंसा के मामलों की जांच के लिए अपनी-अपनी टीम का नेतृत्व करेंगे, जिनमें महिला अधिकारी लवली कटियार और निर्मला देवी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी संयुक्त निदेशक घनश्याम उपाध्याय को रिपोर्ट करेंगे जो विभिन्न मामलों में जांच की निगरानी करेंगे। 


मालूम हो कि, तीन मई को राज्य में पहली बार जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 160 से अधिक लोग मारे गए हैं, और कई सौ लोग घायल हुए हैं। बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किये जाने के दौरान यह हिंसा भड़की थी।


 मणिपुर की कुल आबादी में मैतेई समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं, जबकि आदिवासी नगा और कुकी समुदाय के लोगों की संख्या 40 प्रतिशत है और वे ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं।