1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 27, 2025, 9:25:19 PM
वायरल ऑडियो सुनकर लोग हैं हैरान - फ़ोटो SOCIAL MEDIA
PATNA: सोशल मीडिया पर आरजेडी के मनेर विधायक भाई वीरेंद्र और पंचायत सचिव का ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। हालांकि इस वायरल ऑडियो की पुष्टि फर्स्ट बिहार नहीं करता है। लेकिन इस वायरल ऑडियो में दोनों के बीच जो बातचीत हुई, उसमें भाई वीरेन्द्र पंचायत सचिव को जूते से मारने की धमकी दे रहे हैं।
पंचायत सचिव को वो मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फोन किये थे। लेकिन मनेर का पंचायत सचिव उन्हें नहीं पहचान सका। कॉल रिसीव करते हुए कहा कि बोलिए। इस पर भाई वीरेंद्र गुस्सा हो गये। कहने लगे की तुम हमको नहीं पहचानते हो। इस दौरान विधायक और पंचायत सचिव के बीच बहस भी होने लगी। वायरल इस ऑडियो को इस खबर के साथ अटैच किया गया है। इस वायरल ऑडियो को सुनने के लिए नीचे देखें। पंचायत सचिव और मनेर के आरजेडी विधायक के बीच क्या कुछ बात चीत हुई उसे भी टेक्स्ट मैसेज से जानते हैं। लेकिन इस वायरल ऑडियो की पुष्टि फर्स्ट बिहार नहीं करता है।
विधायक-हेलो भाई वीरेंद्र बोल रहे हैं
सचिव- हां बोलिये
भाई वीरेंद्र-बोलिये.. कौन बोल रहा है रे
सचिव- किनसे बात करना है
भाई वीरेंद्र-पंचायत सचिव से मैं बात करना चाह रहा हूं
सचिव-हा पंचायत सचिव बोल रहे बोलिये
भाई वीरेंद्र-- तुम भाई वीरेंद्र को नहीं पहचानता है और तु कहेगा कि बोलिए
सचिव-अपना परिचय दिजियेगा तब ना
विधायक- भाई वीरेंद्र का परिचय देना पड़ता है? भाई वीरेंद्र मेरा नाम है। तुम नहीं जानता है कि भाई वीरेंद्र तुम्हारा कौन है तुम्हारा? भाई वीरेंद्र मनेर का कौन है, नहीं जानते हो तुम?
सचिव- जानकारी रहता तो ऐसे थोड़े ना बतियाते
भाई वीरेंद्र--- इंग्लैंड का है क्या तुम, टेढ़िया है तू, मनेर का विधायक को नहीं जानता है तुम।
सचिव- हां विधायक जी बोलिये
भाई वीरेंद्र--- हां विधायक जी बोलिए? जूता से मारेंगे खींच कर, तुम केस करो चाहे, कुछ करो। तुम प्रोटोकॉल का ख्याल नहीं रखेगा रे। पूरा हिंदुस्तान जानता है हमको और तुम कह रहा है कि भाई वीरेंद्र कौन है, नहीं जानते हैं। बोलता काहे नहीं है
सचिव- बोलिए क्या बात है, हां हमको प्रणाम करना चाहिए था, प्रणाम विधायक जी! बोलिए।
भाई वीरेंद्र--- रिंकी देवी के पति अविनाश कुमार का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाना है, उसको बनवाए। कब का आवेदन गया है। टेढ़ई से काम मत करो। कर्मचारी हो, कर्मचारी की तरह काम करो।
सचिव- आप प्रेम से बात कीजिएगा तो हम प्रेम से बतियाएंगे। आपको जो करना है करिए, आपसे डर नहीं है हमको। सीधा बात कीजिएगा तो सीधा बात करेंगे। टेढ़ा बात कीजिएगा तो टेढ़ा बात करेंगे। आपसे डरने वाला नहीं है यहां कोई।
भाई वीरेंद्र--- तुम इस तरह का भाषा बोलेगा रे हमको।
सचिव- आपको भी तो प्रेम से बात करना चाहिए, आप जनप्रतिनिधि हैं तो प्रेम से अपना काम का बात करना चाहिए।
भाई वीरेंद्र--- तुम हमको पहचाने कैसे नहीं, तुम ऐसा कैसे बोल सकता है कि कौन भाई वीरेंद्र? तू नहीं जानता है विधायक जी का नाम?
सचिव- हम नहीं जानते थे कि यहां का विधायक कौन है?
विधायक- तुमको नौकरी करने का भी अधिकार नहीं है, जब तुम अपने क्षेत्र के विधायक को नहीं जानते हो
सचिव- जाकर लिखित दे दीजिए और ट्रांसफर करवा दीजिए मेरा
भाई वीरेंद्र--- ट्रांसफर ही नहीं अब दूसरा बात हो जाएगा। ट्रांसफर तो बहुत छोटी चीज है। कहां का है तू?
सचिव- इस तरह का धमकी मत दीजिए, आप काम का बात कीजिए हमसे। आपका काम प्रोसेस में गया हुआ है। जब काम होगा तो पता चल जाएगा।
भाई वीरेंद्र---कहा का है रे तू