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पटना के कौटिल्य नगर लीज जमीन पर बढ़ा विवाद: लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से जांच की मांग

कौटिल्य नगर की लीज जमीन को लेकर लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बाबा ने डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखकर जमीन आवंटन की जांच की मांग की है।

Bihar Politics
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: पहले से ही विभिन्न मामलों में फजीहत झेल रहे लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनके परिजनों के लिए नए साल की शुरुआत एक नई परेशानी के संकेत दे रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बाबा ने कौटिल्य नगर में लीज पर दी गई जमीन के आवंटन की जांच की मांग करते हुए बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखा है।


बताया जा रहा है कि लालू परिवार 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से पटना के कौटिल्य नगर स्थित आवास में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा है। गौरतलब है कि कौटिल्य नगर में कई अन्य नेताओं को भी लीज पर जमीन आवंटित की गई है, जिस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।


गुड्डू बाबा ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में पत्र लिखने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह जमीन मूल रूप से वेटेनरी कॉलेज से संबंधित है और इसके आवंटन में नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1986 में एक कोऑपरेटिव सोसायटी बनाकर विधायकों और सांसदों को करीब 20 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर दे दी गई थी, जहां कई नेताओं ने मकान भी बना लिए, लेकिन लीज की शर्तों का पालन नहीं किया गया।


उन्होंने आरोप लगाया कि लीज की शर्तों के अनुसार इन नेताओं को सरकारी आवास का उपयोग नहीं करना था, न ही भूखंड को बेचने, हस्तांतरित करने या व्यावसायिक उपयोग की अनुमति थी। इसके बावजूद नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ। कौटिल्य नगर की जमीन पर अतिक्रमण हटाने को लेकर वर्ष 2016 से हाईकोर्ट में मामला भी चल रहा है।


गुड्डू बाबा ने कहा कि यह जमीन पहले पटना यूनिवर्सिटी के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसे बाद में वेटेनरी कॉलेज को सौंपा गया, लेकिन बाद में इसे नेताओं के बीच बांट दिया गया। उन्होंने इसे एक बड़ा लैंड स्कैम करार दिया।


उन्होंने यह भी बताया कि 1986 में दी गई 30 साल की लीज वर्ष 2016 में समाप्त हो चुकी है। लीज के नवीनीकरण के लिए फाइल आगे बढ़ाई गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे मंजूरी नहीं दी। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को इन जमीनों की सच्चाई भली-भांति पता है, इसी वजह से लीज का विस्तार नहीं किया गया।


हालांकि, गुड्डू बाबा ने यह भी माना कि इस शिकायत पर कार्रवाई आसान नहीं होगी, क्योंकि इसमें कई बड़े नेताओं के हित जुड़े हैं। अब सबकी नजर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर टिकी है कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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