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कम मतदान वाले क्षेत्रों को लेकर EC सख्त, तैयार किया बड़ा मास्टर प्लान; इन लोकसभा इलाकों में कम पड़े थे वोट

PATNA : निर्वाचन आयोगने बिहार के नगर आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को आगामी चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए उन संसदीय क्षेत्रों में गहन अभियान शुरू करने का निर्

कम मतदान वाले क्षेत्रों को लेकर EC सख्त, तैयार किया बड़ा मास्टर प्लान; इन लोकसभा इलाकों में कम पड़े थे वोट
Tejpratap
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PATNA : निर्वाचन आयोगने बिहार के नगर आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को आगामी चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए उन संसदीय क्षेत्रों में गहन अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से कम था। इसको लेकर बीती शाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार की अध्यक्षता में नई दिल्ली में  एक सम्मेलन भी किया गया और निर्देश दिया गया। 


दरअसल, बिहार के  जिन संसदीय क्षेत्रों में पिछले लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय औसत से कम मतदान हुआ था। उनमें पटना साहिब (45.80 प्रतिशत), नालंदा (48.79 प्रतिशत), काराकट (49.09 प्रतिशत), नवादा (49.73 प्रतिशत), जहानाबाद (51.76 प्रतिशत) और आरा (51.81 प्रतिशत) शामिल हैं। अब कम मतदान विषय पर आयोजित सम्मेलन में इन जिलों के नगर निगम आयुक्तों और डीईओ को कई तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। 


वहीं,कम मतदान पर्सेंटेज वाले लिस्ट में औरंगाबाद (53.76 फीसदी), मधुबनी (53.82 फीसदी), महाराजगंज (53.82 फीसदी), बक्सर (53.95), सासाराम (54.72 फीसदी), सीवान (54.73 फीसदी) और मुंगेर (54.90 फीसदी) का भी नाम शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने नगर निगम आयुक्तों और डीईओ को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाने और उसके अनुसार योजना बनाने को कहा.है।


उधर, वहीं, इस सम्मेलन में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, ठाणे, नागपुर, पटना साहिब, लखनऊ और कानपुर के नगर आयुक्तों के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश के चुनिंदा जिला चुनाव अधिकारियों ने भाग लिया. सीईओ बिहार, सीईओ उत्तर प्रदेश, सीईओ महाराष्ट्र और सीईओ दिल्ली ने भी सम्मेलन में भाग लिया, जिसमें 7 राज्यों अर्थात् कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और पंजाब के सीईओ शामिल हुए।