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BJP को तमिलनाडु में बड़ा झटका! के. अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी, आखिरी मिनट तक मनाता रहा शीर्ष नेतृत्व

तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली में अमित शाह और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बावजूद नहीं बदला फैसला। क्या तमिलनाडु की राजनीति में शुरू होने जा रहा है नया अध्याय?

BJP को तमिलनाडु में बड़ा झटका! के. अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी, आखिरी मिनट तक मनाता रहा शीर्ष नेतृत्व
Tejpratap
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4 मिनट

भारतीय जनता पार्टी के तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया है। भाजपा नेतृत्व ने उनके इस्तीफे को आधिकारिक मंजूरी दे दी है, जिसके बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में बताया गया है कि अन्नामलाई द्वारा भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से दिया गया इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है।


भाजपा मुख्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अन्नामलाई के त्यागपत्र को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब अन्नामलाई भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं रहे हैं। इस फैसले के साथ ही भाजपा और अन्नामलाई के बीच वर्षों पुराना राजनीतिक संबंध औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।


सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देने से पहले अन्नामलाई ने दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई दौर की बातचीत की थी। दो जून को उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की थी। इसके बाद उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी अलग से महत्वपूर्ण बैठक हुई। बताया जाता है कि इन बैठकों के दौरान अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने की अपनी इच्छा नेतृत्व के सामने रखी थी।


जानकारी के मुताबिक भाजपा नेतृत्व ने उन्हें मनाने की कोशिश भी की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, लेकिन अन्नामलाई अपने निर्णय पर कायम रहे। सूत्रों का दावा है कि दिल्ली में हुई बातचीत का माहौल सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण था, लेकिन इसके बावजूद किसी सहमति तक नहीं पहुंचा जा सका।


घटनाक्रम ने उस समय और अधिक नाटकीय मोड़ ले लिया जब अन्नामलाई तमिलनाडु लौटने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट रवाना हो चुके थे। बताया जाता है कि उड़ान पकड़ने से ठीक पहले उन्हें भाजपा नेतृत्व की ओर से दोबारा संपर्क किया गया और वापस बुलाया गया। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने आखिरी बार उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने अपने निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया।


इसके बाद भाजपा मुख्यालय ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की घोषणा कर दी। इस कदम ने तमिलनाडु भाजपा की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अन्नामलाई को राज्य में भाजपा के सबसे आक्रामक और चर्चित नेताओं में गिना जाता रहा है। उनके नेतृत्व में पार्टी ने तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने की कोशिश की थी और कई मुद्दों पर उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ मुखर भूमिका निभाई थी।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई के बाहर होने से तमिलनाडु भाजपा को संगठनात्मक स्तर पर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक अन्नामलाई की ओर से भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।


फिलहाल भाजपा नेतृत्व ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी कर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अन्नामलाई आगे किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और उनका यह फैसला तमिलनाडु की राजनीति पर कितना प्रभाव डालता है।