ब्रेकिंग
DRI और बिहार STF का एक्शन: तीन करोड़ की चरस जब्त, नेपाल से भारत पहुंची थी खेप; कई राज्यों में फैला नशे का सिंडिकेट✦बिहार में नशेड़ी बेटे की हैवानियत, लाठियों से पीटकर पिता की हत्या; बीच-बचाव करने आई मां का हाथ तोड़ा✦Bihar News : महानवमी पर CM सम्राट चौधरी ने किया कन्या पूजन, बच्चियों को परोसा भोजन; मुंगेर भी जाएंगे✦दुर्गा पूजा मेले में हुड़दंग मचाना पड़ा भारी: छतौनी बस स्टैंड से नशे की हालत में 8 आरोपी गिरफ्तार✦टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बिहार कनेक्शन, कोटा से 17 वर्षीय नाबालिग हिरासत में; हरियाणा के दो आरोपित गिरफ्तार✦DRI और बिहार STF का एक्शन: तीन करोड़ की चरस जब्त, नेपाल से भारत पहुंची थी खेप; कई राज्यों में फैला नशे का सिंडिकेट✦बिहार में नशेड़ी बेटे की हैवानियत, लाठियों से पीटकर पिता की हत्या; बीच-बचाव करने आई मां का हाथ तोड़ा✦Bihar News : महानवमी पर CM सम्राट चौधरी ने किया कन्या पूजन, बच्चियों को परोसा भोजन; मुंगेर भी जाएंगे✦दुर्गा पूजा मेले में हुड़दंग मचाना पड़ा भारी: छतौनी बस स्टैंड से नशे की हालत में 8 आरोपी गिरफ्तार✦टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बिहार कनेक्शन, कोटा से 17 वर्षीय नाबालिग हिरासत में; हरियाणा के दो आरोपित गिरफ्तार

1st Bihar Jharkhand की खबर का बड़ा असर! जन्म प्रमाण पत्र के लिए 200 रुपये की रिश्वत लेने वाले घूसखोर पर गिरी गाज, विभाग ने लिया एक्शन

First Bihar impact: मोतिहारी में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। वीडियो वायरल होने और 1st Bihar Jharkhand की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित स्वास्थ्यकर्मी की सेवा समाप्त कर...

1st Bihar Jharkhand की खबर का बड़ा असर! जन्म प्रमाण पत्र के लिए 200 रुपये की रिश्वत लेने वाले घूसखोर पर गिरी गाज, विभाग ने लिया एक्शन
Ramakant kumar
2 मिनट

First Bihar impact: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 200 रुपये रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. वीडियो वायरल होने और मामला सामने आने के बाद संबंधित स्वास्थ्यकर्मी की सेवा समाप्त कर दी गई है. विभाग ने साफ किया है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.


जानकारी के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एवज में 200 रुपये लेने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद मामला चर्चा में आया. वीडियो सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने पूरे मामले की जांच कराई. जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्यकर्मी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया.


बताया जा रहा है कि संबंधित स्वास्थ्यकर्मी एक निजी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया गया था. मामले की पुष्टि होने के बाद उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है. इसके साथ ही जिस स्वास्थ्य केंद्र में वह कार्यरत था, वहां की कार्यप्रणाली की भी जांच शुरू कर दी गई है.


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच के लिए समिति गठित की जा रही है. यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.


सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.