ब्रेकिंग
विक्रमशिला सेतु पर इस दिन से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, समानांतर पॉन्टून ब्रिज बनाने की केंद्र से मांग‘Reel में उलझाकर युवाओं को बनाया जा रहा मजदूर’, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया को बताया 21वीं सदी का नशापूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मची अफरातफरी; उल्टी-दस्त से हड़कंप‘हत्यारों को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’, रोहतास में हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वीमुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्पविक्रमशिला सेतु पर इस दिन से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, समानांतर पॉन्टून ब्रिज बनाने की केंद्र से मांग‘Reel में उलझाकर युवाओं को बनाया जा रहा मजदूर’, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया को बताया 21वीं सदी का नशापूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मची अफरातफरी; उल्टी-दस्त से हड़कंप‘हत्यारों को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’, रोहतास में हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वीमुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्प

धार्मिक जुलूसों पर पाबंदी चाहते हैं मांझी, बोले.. ऐसे तो देश बिखर जाएगा

PATNA : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने धार्मिक जुलूस ऊपर पाबंदी लगाने की बड़ी मांग रख दी है। रामनवमी और महावीर जयंती के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसा की घट

धार्मिक जुलूसों पर पाबंदी चाहते हैं मांझी, बोले.. ऐसे तो देश बिखर जाएगा
Editor
2 मिनट

PATNA : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने धार्मिक जुलूस ऊपर पाबंदी लगाने की बड़ी मांग रख दी है। रामनवमी और महावीर जयंती के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर मांझी काफी आहत हैं। मांझी ने कहा है कि अब वक्त आ गया है कि देश में हर तरह के धार्मिक जुलूस पर रोक लगा दी जाए। पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि धार्मिक जुलूसों के कारण देश की एकता और अखंडता खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है और इसे तुरंत रोकना होगा। 


दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने ट्वीट करते हुए यह बातें लिखी हैं। जीतन राम मांझी के इस बयान को इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह एनडीए के घटक दल के नेता हैं। बीजेपी के साथ राजनीति करने वाले जीतन राम मांझी अगर जुलूस पर रोक की बात कर रहे हैं तो उनके सहयोगी दल को यह बात कितनी पसंद आएगी या देखना भी दिलचस्प होगा। आपको बता दें कि दिल्ली में महावीर जयंती के दौरान हिंसा की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने हंगामा करने वालों पर कार्रवाई भी की थी और उसके बाद जीतन राम मांझी ने जुलूस पर पाबंदी लगाने की मांग रख दी। 


इसके पहले रामनवमी के मौके पर देश के कई इलाकों में भी हिंसा की घटनाएं देखने को मिली थी। जीतन राम मांझी ने किसी एक धर्म के जुलूस के ऊपर रोक लगाने की मांग नहीं की है, उनका कहना है कि धार्मिक जुलूस ऊपर रोक लगनी चाहिए। जाहिर है हिंदुओं की तरफ से निकाले जाने वाली रामनवमी और हनुमान जयंती की शोभायात्रा के साथ-साथ मांझी मुहर्रम और अन्य मौकों पर निकाले जाने वाले जुलूस पर भी रोक की मांग कर रहे हैं।

टैग्स