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नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने से JDU में भारी असंतोष, पार्टी के बड़े नेता ने साजिश की जताई आशंका; कहा- मुख्यमंत्री को शेल्टर में भेज दिया गया

नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के फैसले पर जेडीयू में असंतोष सामने आने लगा है। झारखंड के जेडीयू विधायक सरयू राय ने इसे बड़ी साजिश की आशंका बताते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे मुख्यमंत्री को “शेल्टर” में भेज दिया गया हो।

Nitish Kumar
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Mukesh Srivastava
4 मिनट

Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष खुलकर सामने आ गया है। बिहार में ही नहीं बल्कि झारखंड में भी इस फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। झारखंड के जेडीयू विधायक सरयू राय ने बड़ी साजिश की संभावना जताई है और कहा है कि ऐसा लग रहा है कि नीतीश कुमार को शेल्टर में भेज दिया गया है।


सरयू राय ने कहा कि नीतीश कुमार जैसे व्यक्ति को जिस तरह से मुख्यमंत्री पद से किनारे कर राज्यसभा भेज दिया गया है, लगता है कि जैसे उनको शेल्टर में भेज दिया गया है। यह लगता नहीं है कि निर्णय सामान्य तरीके से हुआ है। पिछले दो दिनों में दिल्ली से लेकर पटना तक जिस तरह की गतिविधियां चलती रही हैं उससे यही लगता है कि एक स्कीम के तहत और एक डिजाइन के तहत किया गया है। फिलहाल इसकी कोई जरुरत नहीं थी। जब नीतीश कुमार खुद ही तैयार हैं कि जो भी तय होता है, हम मानेंगे लेकिन इसकी कोई जरुरत नहीं थी। 


सरयू राय ने कहा कि सम्मान के साथ अगर नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा गया होता तो किसी को एतराज नहीं होता। मेरे जैसा आदमी जो नीतीश कुमार को अपना मित्र मानता हो, उनको भी धक्का लगा है। जेडीयू के जो सामान्य कार्यकर्ता हैं उनका भी फोन आ रहा है। किसी से भी यह निर्णय पच नहीं रहा है। अब जो हो गया है उसको लोग स्वीकार करें, इसे स्वीकार करना कड़वे घूंट के समान है।


उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारें बनती और बिगड़ती हैं। जैसे कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती पर धमक होती है। नीतीश कुमार जैसे विराट व्यक्तित्व अगर भूमिका बदलता है तो कई तरह के कयास लगाए जाते हैं और फिलहाल उसी तरह की चर्चा हो रही है। हमारे जैसे व्यक्ति को यह निर्णय पच नहीं रहा है।


सरयू राय ने सीएम नीतीश कुमार के ट्वीट पर सवाल उठाया और कहा कि आखिर नीतीश कुमार को इस तरह के ट्वीट की जरुरत क्यों पड़ गई। कहीं न कहीं इस निर्णय से लोग संतुष्ट नहीं हैं। नीतीश कुमार को ढाल की तरह आगे रखकर एक ट्वीट कराया गया है कि आप खुद ही इसकी जिम्मेवारी लीजिए। लोगों का मानना है कि जो सियासी घटना हुई है उसको इस ट्वीट के माध्यम से ढकने की कोशिश की गई है।


नीतीश कुमार ने बिहार का मुख्यमंत्री रहते हुए शराबबंदी जैसा बड़ा फैसला लिया था लेकिन अगली सरकार उनके फैसले को मानती है या नहीं इसपर सवाल उठ रहे हैं। आने वाली सरकार शराबबंदी को जारी रखेगी या राजस्व रो हासिल करने के लिए इसमें परिवर्तन करेगी, इसको देखना होगा। हम लोगों को सिर्फ यही दुख है कि जिस तरह से नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए था उस तरीके से नहीं भेजा गया।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता