ब्रेकिंग
गणेश पूजा के दौरान आर्केस्ट्रा में अश्लीलता की सारी हदें पार, आपत्तिजनक डांस का VIDEO वायरलखेत में पटवन के लिए मोटर चालू करते ही करंट की चपेट में आए किसान, मौके पर ही दर्दनाक मौतबिहार की इस पंचायत में बड़ा फर्जीवाड़ा, 56 लाख की खरीदारी में खुली पोल, अब नपेंगे मुखिया और पंचायत सचिवBihar News : बिहार में राशन कार्ड का नया नियम लागू, पहले करना होगा ये जरूरी काम; नहीं तो अटक जाएगा कार्डBihar News: बिहार के हर थाने में अब बच्चों के लिए अलग डेस्क, 2 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था; बच्चियों के लिए महिला पुलिसकर्मी रहेंगी तैनातगणेश पूजा के दौरान आर्केस्ट्रा में अश्लीलता की सारी हदें पार, आपत्तिजनक डांस का VIDEO वायरलखेत में पटवन के लिए मोटर चालू करते ही करंट की चपेट में आए किसान, मौके पर ही दर्दनाक मौतबिहार की इस पंचायत में बड़ा फर्जीवाड़ा, 56 लाख की खरीदारी में खुली पोल, अब नपेंगे मुखिया और पंचायत सचिवBihar News : बिहार में राशन कार्ड का नया नियम लागू, पहले करना होगा ये जरूरी काम; नहीं तो अटक जाएगा कार्डBihar News: बिहार के हर थाने में अब बच्चों के लिए अलग डेस्क, 2 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था; बच्चियों के लिए महिला पुलिसकर्मी रहेंगी तैनात

बिहार की इस पंचायत में बड़ा फर्जीवाड़ा, 56 लाख की खरीदारी में खुली पोल, अब नपेंगे मुखिया और पंचायत सचिव

Bihar Panchayat Scam: बक्सर के राजपुर प्रखंड की धनसोई पंचायत में 56 लाख रुपये से अधिक की सामग्री खरीद और भुगतान को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में फर्जी विपत्र के जरिए भुगतान किए जाने की बात सामने आने के बाद...

बिहार की इस पंचायत में बड़ा फर्जीवाड़ा, 56 लाख की खरीदारी में खुली पोल, अब नपेंगे मुखिया और पंचायत सचिव
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Panchayat Scam: बक्सर के राजपुर प्रखंड की धनसोई पंचायत में विकास योजनाओं के लिए खरीदी गई करीब 56 लाख रुपये की सामग्री के भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि जिन एजेंसियों से सामग्री खरीदी गई थी, उनके बजाय दूसरी एजेंसी के नाम से विपत्र तैयार कर भुगतान किया गया. मामले में पंचायती राज विभाग-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने जिला पदाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.


धनसोई पंचायत में विभिन्न विकास योजनाओं के लिए सामग्री की खरीद को लेकर यह मामला सामने आया है. आरोप है कि सामग्री की वास्तविक खरीद ‘श्री ब्रिक्स’ और ‘जय मां कामाख्या ट्रेडर्स’ से की गई, लेकिन भुगतान के लिए ‘मेसर्स ममता एंटरप्राइजेज’ के नाम से विपत्र का इस्तेमाल किया गया. जांच में इन विपत्रों को प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया है.


मामले में धनसोई पंचायत के गोगौरा निवासी नितीश कुमार की ओर से द्वितीय अपील दायर की गई थी. अपील में पंचायत में विभिन्न योजनाओं के निर्माण के लिए कुल 56 लाख 49 हजार रुपये की सामग्री खरीद का मामला उठाया गया था.


56.49 लाख की सामग्री खरीद का मामला

अपीलकर्ता के अनुसार, पंचायत की विकास योजनाओं के लिए ‘श्री ब्रिक्स’ और ‘जय मां कामाख्या ट्रेडर्स’ से 56 लाख 49 हजार रुपये की सामग्री खरीदी गई थी. इसके एवज में एक बार 37.60 लाख रुपये और दूसरी बार 2.06 लाख रुपये का भुगतान किया गया. वहीं, 16 लाख 82 हजार 289 रुपये बकाया होने की बात कही गई.


मामले की जांच के दौरान पंचायत की ओर से किए गए भुगतानों की भी पड़ताल की गई. जांच में सामने आया कि पंचायत से अलग-अलग एजेंसियों को भुगतान किया गया था, जिनमें ‘मेसर्स ममता एंटरप्राइजेज’ का नाम भी शामिल था.


दूसरी एजेंसी के नाम से तैयार किया गया विपत्र

मामले की सुनवाई के दौरान प्रथम अपीलीय प्राधिकार और राज्य-कर संयुक्त आयुक्त की जांच रिपोर्ट सामने आई. रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत के लिए सामग्री की वास्तविक खरीद ‘श्री ब्रिक्स’ और ‘जय मां कामाख्या ट्रेडर्स’ से होने के बावजूद भुगतान ‘मेसर्स ममता एंटरप्राइजेज’ के नाम से प्रस्तुत विपत्र के आधार पर किया गया.


जांच में इनवायस को प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया. वहीं, जांच के दौरान ‘मेसर्स ममता एंटरप्राइजेज’ का जीएसटी पंजीकरण 7 अक्टूबर 2024 से निलंबित पाया गया. पंचायत सचिव के स्तर पर भी संबंधित एजेंसी से ऐसी आधिकारिक आपूर्ति दर्ज होने की बात सामने नहीं आई.


मुखिया और पंचायत सचिव पर कार्रवाई के निर्देश

मामले को गंभीर मानते हुए पंचायती राज विभाग-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने बक्सर के जिला पदाधिकारी को दोषी मुखिया तुलसी साह और पंचायत सचिव अमित राज के खिलाफ बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.


इसके साथ ही ‘मेसर्स ममता एंटरप्राइजेज’ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया है. फर्जी तरीके से किए गए भुगतान की राशि का आकलन कर दोषियों से वसूली कराने का भी निर्देश दिया गया है.


आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि अपीलकर्ता का कोई वैध भुगतान वास्तव में लंबित है, तो उसकी जांच कराकर बकाया राशि का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए. मामले में अब जिला प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जानी है.