1st Bihar Published by: HARERAM DAS Updated Wed, 17 Sep 2025 11:16:09 AM IST
बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह - फ़ोटो FILE PHOTO
Bihar Politics : बिहार की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज़ होती जा रही है। महागठबंधन और एनडीए के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की यात्रा पर कड़ा प्रहार किया है। गिरिराज सिंह ने इस यात्रा को जनता से जुड़ाव का अभियान मानने से साफ इनकार करते हुए इसे कांग्रेस और राजद के बीच ताकत दिखाने की कवायद बताया।
बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा, "बेगूसराय हो या जहानाबाद, यह यात्रा जनता को समझाने या समझने की नहीं है। यह कांग्रेस और राजद के बीच यह दिखाने की कवायद है कि किसकी ताकत ज्यादा है। इसमें जनता का कोई भला नहीं होने वाला है।"
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच तालमेल की कमी साफ झलकती है। "राहुल गांधी ने तेजस्वी को स्वीकार नहीं किया। यह यात्रा सिर्फ यह साबित करने की कोशिश है कि कौन बड़ा है और किसकी ताकत ज्यादा है। इसमें ना हमें कोई नुकसान है और ना इन्हें कोई फायदा होने वाला है।"
तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए गिरिराज सिंह ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि "ये थेथर राजनीति कर रहे हैं। पतित में भी महापति होता है और थेथर में महाथेथर होता है। पूर्णिया एयरपोर्ट क्या जुमला है या चरवाहा विश्वविद्यालय की तरह एक और जुमला? चारा घोटाला भूल गए क्या?"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता अब जुमलों और खोखले वादों से ऊब चुकी है। तेजस्वी यादव केवल नारेबाजी और खोखले दावों से राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन बिहार की जनता अब पहले जैसी नहीं रही।
गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामों की सराहना करते हुए तेजस्वी पर हमला और तेज कर दिया। उन्होंने कहा कि राजद शासन के दौरान जो काम नहीं हुए, उन्हें नीतीश कुमार ने पूरा किया।"राघोपुर का पुल नीतीश कुमार ने बनवाया। पिताजी के 15 साल के शासन में यह पुल नहीं बना और न ही आपने इसे बनवाया। वहां की औरतें नीतीश कुमार का पैर पकड़ रही थीं और कह रही थीं—बीमारी में आधे लोग रास्ते में गंगा में मर जाते थे।"
गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव को सीधे तौर पर निशाना बनाते हुए कहा कि "तुम्हें शर्म करनी चाहिए। सिर्फ़ खोखली दलील देकर कहते हो कि हमने रोजगार दिया। लेकिन सच्चाई यह है कि नीतीश कुमार ने ही बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों के जरिए जनता को राहत पहुंचाई।"
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत से तैयारी में जुट गए हैं। महागठबंधन की ओर से जनता को जोड़ने की कवायद की जा रही है, वहीं भाजपा और एनडीए महागठबंधन के दावों को खोखला बता रहे हैं। ऐसे में बिहार की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले ऐसे बयानों का आदान-प्रदान स्वाभाविक है। लेकिन चुनावी परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि कौन सी पार्टी जनता की असली उम्मीदों पर खरी उतरती है।