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BJP विधायक राजू सिंह की मुश्किलें बढ़ीं, दोष सिद्धि पर रोक लगाने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार; विधायकी पर खतरा

Bihar Politics: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2018 के हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के साहेबगंज से BJP विधायक राजू कुमार सिंह की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। चार साल की सजा के मामले में इस फैसले से उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर कानूनी संकट बढ़ गया

Bihar Politics
BJP विधायक राजू सिंह को झटका
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: दिल्ली उच्च न्यायालय ने वर्ष 2018 के बहुचर्चित हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की दोष सिद्धि पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। 29 सितंबर 2026 को आए हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब राजू सिंह की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।



इससे पहले जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजू सिंह की 4 साल की जेल की सजा को निलंबित करते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। लेकिन अदालत ने उनकी दोष सिद्धि पर रोक लगाने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, केवल सजा के निलंबन से उन्हें जेल से तो राहत मिल गई थी, लेकिन दोष सिद्धि बरकरार रहने की वजह से उनकी विधानसभा सदस्यता पर आया संकट और गहरा गया है। 



यह गंभीर मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल (न्यू ईयर) के जश्न की पार्टी चल रही थी। इसी दौरान हुई हर्ष फायरिंग में राजू सिंह की लाइसेंसी बंदूक से चली गोली वहां मौजूद महिला आर्किटेक्ट डॉ. अर्चना गुप्ता के सिर में जा लगी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। 



इसी वर्ष जुलाई 2026 में दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (राउज एवेन्यू कोर्ट) ने इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए राजू सिंह को दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें आईपीसी की धारा 304 पार्ट-2 (गैर इरादतन हत्या) और आर्म्स एक्ट के तहत 4 साल के साधारण कारावास और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह जुर्माना राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जानी तय हुई है। 



जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के कड़े नियमों के अनुसार, यदि किसी भी सांसद या विधायक को 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलती है, तो उसकी सदन की सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाती है। इस नियम की वजह से मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज सीट से भाजपा विधायक राजू सिंह की सदस्यता समाप्त हो जाएगी।



हाईकोर्ट से दोष सिद्धि पर स्टे न मिलने के कारण अब वे अपनी सदस्यता बहाल कराने के योग्य नहीं रह गए हैं। इस तगड़े झटके के बाद अब उनके पास राहत के लिए देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का रुख करने का ही एकमात्र विकल्प शेष बचा है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता