ब्रेकिंग
Bihar News: मंत्री और कार्यकर्ता में भिड़ंत...माइक की छीना झपटी, दोनों के बीच जबरदस्त टकरावBihar News: जहानाबाद के DEO लपेटे में आए, सात साल पुराने मामले में चलेगी विभागीय कार्यवाही...बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांटने पहुंची अक्षरा सिंह पत्रकार के सवाल पर भड़कीं, कहा..लोग खाने के लिए तरस रहे हैं और आपको मेरी शादी की चिंता पड़ी हुई हैबिहार में ईंट भट्ठा मालिकों को बड़ी राहत, सरकार ने ब्याज कर दिया माफबिहार कैबिनेट की अहम बैठक खत्म, विभिन्न विभागों से जुड़े 17 एजेंडों पर लगी मुहरBihar News: मंत्री और कार्यकर्ता में भिड़ंत...माइक की छीना झपटी, दोनों के बीच जबरदस्त टकरावBihar News: जहानाबाद के DEO लपेटे में आए, सात साल पुराने मामले में चलेगी विभागीय कार्यवाही...बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांटने पहुंची अक्षरा सिंह पत्रकार के सवाल पर भड़कीं, कहा..लोग खाने के लिए तरस रहे हैं और आपको मेरी शादी की चिंता पड़ी हुई हैबिहार में ईंट भट्ठा मालिकों को बड़ी राहत, सरकार ने ब्याज कर दिया माफबिहार कैबिनेट की अहम बैठक खत्म, विभिन्न विभागों से जुड़े 17 एजेंडों पर लगी मुहर

पीने का मन है क्या आपको…? शराबबंदी से जुड़ा सवाल पूछने पर भड़के सभापति अवधेश नारायण सिंह

Bihar Politics: बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि शराबबंदी सही है, शराब जहर है, समीक्षा का मतलब बंद करना नहीं बल्कि सही तरीके से लागू करना है।

Bihar Politics
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: बिहार में वर्षों से लागू पूर्ण शराबबंदी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। हाल ही में खत्म हुए बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विपक्षी सदस्यों ने शराबबंदी पर सवाल उठाए थे, जबकि एनडीए के कुछ घटक दलों के नेताओं ने भी इसकी समीक्षा की मांग की थी। अब इस मुद्दे पर बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपने बयान से सबका ध्यान खींचा। 


आरा में एक निजी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने उनसे शराबबंदी को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में सभापति ने कहा, “मैं आपसे पूछता हूं कि क्या शराबबंदी खराब चीज है? हमारा अनुभव है कि लोग शराब पीकर गिरते-पड़ते रहते थे और अनावश्यक झगड़े भी होते थे। अब कम से कम इससे तो राहत है। जिसके मरने का मन है, वह जहर खाकर भी मर जाएगा। शराब भी तो जहर ही है। इसलिए शराबबंदी बिल्कुल सही है।”


जब उनसे पूछा गया कि विधानसभा में कई सदस्यों ने शराबबंदी की समीक्षा की मांग की है, तो उन्होंने कहा कि समीक्षा का मतलब यह नहीं है कि इसे खत्म कर दिया जाए। बल्कि इसे सही तरीके से लागू करने का तरीका देखा जाना चाहिए। उन्होंने गुजरात में लागू शराबबंदी का उदाहरण देते हुए कहा कि शराबबंदी का विरोध कहीं नहीं है।


जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या खुलेआम शराब मिल रही है, तो सभापति ने जवाब दिया, “कहीं खुलेआम शराब नहीं मिल रहा है। यदि आप बता देंगे कि कहां मिल रहा है, तो मैं शाम तक उसे पकड़वा दूंगा। होम डिलीवरी की बात हो सकती है, लेकिन यह चोरी-छिपे हो रहा होगा। खुलेआम नहीं हो रहा।” उन्होंने आगे कहा कि, “पीने का मन है क्या आपको…?” सभापति का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि बिहार में शराबबंदी कायम रहेगी, लेकिन इसके प्रभावी पालन और संचालन पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता