1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 14 Jan 2026 12:46:16 PM IST
पक रही कौन सी सियासी खिचड़ी? - फ़ोटो Reporter
Bihar Politics: बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज के जरिए सियासत को साधने की कोशिश जारी है। एक तरफ जहां जेडीयू नेता और पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के दही-चूड़ा भोज में सीएम नीतीश कुमार समेत और डिप्टी सीएम पहुंचे हैं। बीजेपी दफ्तर में भी दही-चूड़ा भोज हो रहा है, जिसमें पार्टी नेताओं का जमावड़ा लगा है तो दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव के भोज में आरजेडी चीफ लालू प्रसाद पहुंच गए हैं हालांकि तेजस्वी यादव ने इससे दूरी बना रखी है।
दरअसल, बिहार की सियासत में मकर संक्रांति को सियासी संक्रांति के तौर पर जाना जाता है। हर साल मकर संक्रांति पर कोई न कोई सियासी खेल जरूर होता है। दही-चूड़ा भोज के जरिए गठबंधन बनते और बिगड़ते हैं। समय बितने के साथ वह खेल भी उजागर हो जाता है। अब इस मकर संक्रांति का कौन सा साइड इफेक्ट सामने आने वाला है वह तो समय बितने के साथ ही सामने दिखेगा। फिलहाल बिहार की सियासत में दही-चूड़ा भोज की राजनीति जारी है।
एक तरफ जहां जेडीयू विधायक रत्नेश सदा के आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है तो वहीं बीजेपी ने भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया है। जिसमें दोनों डिप्टी सीएम समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। दूसरी तरफ लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के चीफ तेज प्रताप यादव ने भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया है। रत्नेश सदा के भोज में सीएम नीतीश कुमार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अलावा दोनों डिप्टी सीएम और तमाम मंत्री और एनडीए के नेता पहुंचे हैं।
वहीं दूसरी तरफ तेज प्रताप याजव के दही-चूड़ा भोज में खुद लालू प्रसाद यादव पहुंचे हैं। तेज प्रताप यादव ने खुद राबड़ी आवास जाकर उन्हें और तेजस्वी यादव समेत राबड़ी देवी को निमंत्रण दिया था। तब इस भोज में लालू प्रसाद के जाने पर संशय जरूर था लेकिन अब सारे संशय दूर हो गए हैं। लालू प्रसाद तो तेज प्रताप के भोज में पहुंचे हैं हालांकि तेजस्वी यादव ने दूरी बना ली है।
उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी तेज प्रताप यादव के भोज में शामिल होने की बात कही जा रही है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान तेज प्रताप के भोज में पहुंचे हैं और दही-चूड़ा का लुत्फ उठाया है। वहीं डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कह दिया है कि वह तेज प्रताप के भोज में जरूर जाएंगे। ऐसे में बिहार पक रही सियासी खिचड़ी को लेकर कयासों का बाजार गर्म है।