ब्रेकिंग
सरकार से तेजस्वी यादव की मांग, पटना में लगे माउंटेनमैन दशरथ मांझी की प्रतिमा, बनाया जाए आश्रमभारत-नेपाल सीमा पर 24 घंटे गश्त का आदेश, 194 SSB चौकियों और 70 थानों के समन्वय से होगी निगरानीCM सम्राट का एक और बड़ा कदम, 44 माइनिंग ब्लॉक का होगा सर्वे...9 महीने के भीतर खनन ब्लॉक शुरू करने का होगा कार्यरेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा... ट्रेन की चपेट में आया 18 वर्षीय छात्र, मौके पर मौतनितिन नबीन की नई टीम से अमित मालवीय की छुट्टी, इन्हें मिली IT सेल की जिम्मेवारीसरकार से तेजस्वी यादव की मांग, पटना में लगे माउंटेनमैन दशरथ मांझी की प्रतिमा, बनाया जाए आश्रमभारत-नेपाल सीमा पर 24 घंटे गश्त का आदेश, 194 SSB चौकियों और 70 थानों के समन्वय से होगी निगरानीCM सम्राट का एक और बड़ा कदम, 44 माइनिंग ब्लॉक का होगा सर्वे...9 महीने के भीतर खनन ब्लॉक शुरू करने का होगा कार्यरेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा... ट्रेन की चपेट में आया 18 वर्षीय छात्र, मौके पर मौतनितिन नबीन की नई टीम से अमित मालवीय की छुट्टी, इन्हें मिली IT सेल की जिम्मेवारी

लालू यादव के कौटिल्य नगर बंगला पर बढ़ा विवाद, मंत्री संतोष सुमन ने 'आवास समिति' से जुड़े प्रकरण की हाईलेवल जांच की उठाई मांग...

Bihar News: कौटिल्य नगर बंगले को लेकर बिहार की राजनीति फिर गरमा गई है। मंत्री संतोष कुमार सुमन ने लालू परिवार से प्लॉट आवंटन और कम्युनिटी हॉल की जमीन को लेकर लगे पुराने आरोपों पर जवाब मांगा और निष्पक्ष जांच की मांग की।

SANTOSH SUMAN,LALU LILA,Bihar News Lalu Yadav Kautilya Nagar Bungalow Santosh Kumar Suman Kautilya Nagar Plot Controversy Sushil Modi Allegation Bihar Politics Lalu Family News
© Google
Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: लालू यादव के कौटिल्य नगर बंगले पर भी विवाद शुरू हो गया है. सरकारी बंगला छोड़कर कौटिल्यनगर बंगले में लालू परिवार के शिफ्ट होने के बाद पुराना विवाद फिर से जिंदा हो गया है. सत्ता पक्ष ने एक बार फिर से लालू परिवार से जवाब मांगा है. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा है कि कौटिल्य नगर का बंगला केवल एक आवास का मामला नहीं,बल्कि बिहार की राजनीति के उन अनुत्तरित सवालों का प्रतीक है, जिनका जवाब आज तक जनता को नहीं मिला।

मंत्री संतोष कुमार सुमन ने आगे कहा कि दिवंगत सुशील कुमार मोदी ने अपनी पुस्तक लालू लीला और अनेक प्रेस वार्ताओं में विधायक सहकारी आवास समिति के प्लॉटों के आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि प्लॉट संख्या 207, 208, 209, 210 एवं 211 के आवंटन और हस्तांतरण में नियमों की अनदेखी की गई तथा एक ही परिवार के प्रभाव में कई प्लॉट आ गए। इन आरोपों की चर्चा वर्षों तक होती रही, लेकिन लालू परिवार ने आज तक इन सभी आरोपों का बिंदुवार और दस्तावेज़ों के साथ जवाब नहीं दिया।

इतना ही नहीं, सुशील कुमार मोदी ने यह भी आरोप लगाये थे कि सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हॉल) के लिए आरक्षित भूमि का हस्तांतरण भी नियमों के विपरीत किया गया .इस संबंध में साधु यादव का नाम भी सार्वजनिक रूप से सामने आया था। यदि ये आरोप पूरी तरह निराधार थे तो उनका तथ्यात्मक खंडन क्यों नहीं किया गया? और यदि इनमें सच्चाई थी, तो आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

मैं बिहार सरकार से मांग करता हूँ कि कौटिल्य नगर आवास समिति से जुड़े पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। यह स्पष्ट किया जाए कि प्लॉटों का आवंटन किन नियमों के तहत हुआ, किन-किन स्तरों पर परिवर्तन किए गए, सामुदायिक भवन के लिए आरक्षित भूमि का क्या हुआ और यदि उसका हस्तांतरण किसी निजी व्यक्ति के पक्ष में हुआ तो किसके आदेश से और किस कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ।

यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति, कानून के शासन और लोकतांत्रिक जवाबदेही का प्रश्न है। बिहार की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि जिन आरोपों ने वर्षों तक राजनीतिक विमर्श को प्रभावित किया, उनका सच क्या है।

यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है, तो जांच से किसी को डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। लेकिन यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो चाहे वह कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। बिहार अब जवाब चाहता है। पारदर्शिता और जवाबदेही ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।


रिपोर्टिंग
V

रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता