ब्रेकिंग
पश्चिम बंगाल में डकैती को अंजाम देने वाला अपराधी समस्तीपुर से गिरफ्तार, लूटे गए सोने के गहने भी बरामदसहरसा में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक में गिरे 3 मासूम, एक बच्ची की मौतपंचायत से नहीं बनी बात तो टावर पर चढ़ गई प्रेमिका, शादी की मांग पर अड़ी, पुलिस ने संभाला मोर्चाबिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक SP समेत 5 IPS और 8 DSP का तबादला, देखिये पूरी लिस्ट बिहार में विज्ञान-उद्योग और बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी, IG Border सहित कई पदों को भरने की मिली मंजूरी पश्चिम बंगाल में डकैती को अंजाम देने वाला अपराधी समस्तीपुर से गिरफ्तार, लूटे गए सोने के गहने भी बरामदसहरसा में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक में गिरे 3 मासूम, एक बच्ची की मौतपंचायत से नहीं बनी बात तो टावर पर चढ़ गई प्रेमिका, शादी की मांग पर अड़ी, पुलिस ने संभाला मोर्चाबिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक SP समेत 5 IPS और 8 DSP का तबादला, देखिये पूरी लिस्ट बिहार में विज्ञान-उद्योग और बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी, IG Border सहित कई पदों को भरने की मिली मंजूरी

बिहार में जहरीली शराब कांड पर गरमाई सियासत, तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर बताया ‘शराबबंदी का सच’

Bihar Politics: मोतिहारी जहरीली शराब कांड के बाद बिहार की सियासत गरम हो गई है. तेजस्वी यादव ने शराबबंदी कानून पर सवाल उठाए और सरकार को पूरी तरह से विफल करार दिया है.

Bihar Politics
तेजस्वी यादव का बड़ा हमला
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड से एक बार फिर से सियासत गरम हो गई है। जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत के बाद इसको लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर आंकड़े जारी कर बिहार में शराबबंदी का सच बताया है।


तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, “मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण 4 लोगों की मौत, 6 लोगों की आंखों की रोशनी चले जाना और कई लोगों की हालत गंभीर होना अत्यंत दुखद है। यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियों को उजागर करती है।


हालांकि यह बिल्कुल भी पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, कई दर्जन लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।


शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य अब पूरी तरह भटक चुका है। यह कानून सत्ताधारी भाजपा-जदयू के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं व भ्रष्ट तंत्र के लिए कमाई का कमाऊ पूत बन गया है।


बिहार में खुलेआम जहरीली शराब बन रही है, धड़ल्ले से पुलिस की मिलीभगत से बेची जा रही है, घर-घर होम डिलीवरी हो रही है। सरकार की नाक के नीचे यह सब चल रहा है और इसकी कीमत बिहार के गरीब और आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं”।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता