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बागेश्वर बाबा के बयान पर गरमाई बंगाल की सियासत: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कालीघाट मंदिर में खाया मछली, खुद को बताया सनातनी हिंदू

बागेश्वर बाबा के दुर्गा पूजा में मांसाहारी भोजन को लेकर दिए बयान पर बंगाल की सियासत गरमा गई है। इसी बीच शुभेंदु अधिकारी ने कालीघाट काली मंदिर में मां काली की पूजा के बाद मछली का भोग ग्रहण किया।

Durga Puja Non Veg Food Controversy
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Durga Puja Non Veg Food Controversy: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा के दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर दिए गए बयान के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है। बयान को लेकर बंगाल बीजेपी के भीतर भी विरोध के स्वर सामने आए, जबकि बीजेपी नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने धीरेंद्र शास्त्री का बचाव किया।



इसी बीच गुरुवार को कौशिकी अमावस्या के मौके पर शुभेंदु अधिकारी कालीघाट काली मंदिर पहुंचे। उन्होंने मां काली की पूजा-अर्चना की और इसके बाद मंदिर परिसर में बैठकर मछली का भोग ग्रहण किया। भोग में मछली का मूरा, तली हुई मछली और बसंती पुलाव शामिल था। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।



शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन के खिलाफ केवल अपनी राय जाहिर की थी। उन्होंने किसी पर अपनी बात थोपने की कोशिश नहीं की। अधिकारी ने कहा कि जो लोग उनकी बात मानना चाहते हैं, वे मान सकते हैं और जो असहमत हैं, वे इसे स्वीकार नहीं करने के लिए स्वतंत्र हैं।



शुभेंदु अधिकारी ने खुद को सनातनी हिंदू बताते हुए कहा कि महाअष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा के दौरान वह सात्विक भोजन करते हैं। कार्तिक महीने में भी वह सात्विक भोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि काली पूजा की परंपरा में बलि दिए जाने वाले बकरे का मांस भी वह खाते हैं। उन्होंने बताया कि कालीघाट मंदिर में चढ़ाए गए भोग में मछली का मूरा, तली हुई मछली और बसंती पुलाव शामिल था और उन्होंने वही भोग ग्रहण किया।



पश्चिम बंगाल में मछली भोजन का प्रमुख हिस्सा है और कई धार्मिक परंपराओं में भी इसका इस्तेमाल होता है। कालीघाट मंदिर में मां काली को मछली और मांस का भोग चढ़ाने की परंपरा बताई जाती है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हवाला देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने बागेश्वर बाबा के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।



इससे पहले विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर थाने के बाहर बागेश्वर बाबा की तस्वीरें जलाने की घटना पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पुलिस से तस्वीरें जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।



उन्होंने कहा कि हाल ही में एक संत पश्चिम बंगाल आए थे और उन्होंने देशभक्ति, राष्ट्रवाद, एकजुट राष्ट्र तथा देश की परंपरा और संस्कृति के आदर्शों पर अपने विचार रखे थे। अधिकारी के मुताबिक, लोग उनकी बातों को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन किसी की तस्वीर जलाने जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बागेश्वर बाबा के बयान, धार्मिक परंपराओं और मछली के भोग को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता