ब्रेकिंग
Bihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेशBihar News : ‘पार्टी में बर्तन बजते रहते हैं’, अनंत-नीरज विवाद पर संजय झा ने संभाला मोर्चा; ललन सिंह को लेकर भी दिया जवाबBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेशBihar News : ‘पार्टी में बर्तन बजते रहते हैं’, अनंत-नीरज विवाद पर संजय झा ने संभाला मोर्चा; ललन सिंह को लेकर भी दिया जवाब

Avadha Ojha: मशहूर शिक्षक अवध ओझा ने AAP को कहा गुड बाय, राजनीति से भी लिया संन्यास; जानिए.. क्यों?

Avadha Ojha: मशहूर टीचर अवध ओझा ने राजनीति और AAP से संन्यास ले लिया। दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा चुनाव में हार के बाद ओझा ने कहा कि वे राजनीति के लिए बने नहीं हैं और अब खुलकर अपनी बात कह पाएंगे।

Avadha Ojha
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Avadha Ojha: मशहूर टीचर और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी की सदस्यता भी छोड़ दी है। इसी वर्ष उन्होंने AAP के टिकट पर दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।


एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अवध ओझा ने कहा कि राजनीति छोड़ने के बाद वे पहले से ज्यादा खुश हैं, क्योंकि अब वे अपने मन की बात बिना किसी दबाव के कह सकते हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से राजनीति में आने का सपना था, इसलिए चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन चुनावी अनुभव ने उन्हें एहसास कराया कि वे राजनीति के लिए बने ही नहीं हैं।


उन्होंने कहा कि “राजनीति करने की उत्कंठा थी। चुनाव लड़ने की चाहत थी। पटपड़गंज की जनता का सम्मान मिला, लेकिन चुनाव के बाद समझ आया कि राजनीति मुझे नहीं करनी चाहिए थी। इसलिए संन्यास ले लिया।” ओझा ने आगे कहा कि पार्टी में रहते हुए उन्हें कई बातों पर चुप रहना पड़ता था। “अब कोई फोन कर नहीं कहेगा कि ये मत बोलो, वो मत बोलो। अब जो दिल करेगा, वही बोलूंगा। कोई रोकने वाला नहीं है।”


बता दें कि कोचिंग जगत में अवध ओझा एक बड़ा नाम हैं। 3 जुलाई 1984 को यूपी के गोंडा में जन्मे ओझा बचपन से IAS बनने का सपना लेकर दिल्ली आए, लेकिन UPSC परीक्षा में सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पढ़ाना शुरू किया और अपनी रोचक शिक्षण शैली के कारण कोचिंग दुनिया में तेजी से प्रसिद्ध हो गए। 


वे सोशल मीडिया पर भी खासे लोकप्रिय हैं और कई बड़े IAS संस्थानों में पढ़ा चुके हैं। दिल्ली चुनाव में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी ने करारी शिकस्त दी थी।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता