PATNA:17 मई को सीतामढ़ी में महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण के दौरान बाहुबली नेता आनंद मोहन ने बीजेपी और जेडीयू पर जमकर हमला बोला था। यह कहा था कि नीतीश कुमार को जिंदा दफना दिया गया है। अब जेडीयू थैली की पार्टी बनकर रह गई है। आज फिर उनका एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक कार्यक्रम में यह कह रहे हैं कि निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्रालय इसलिए दिया गया कि बाप- बेटे को डॉक्टर की जरूरत है।
वायरल वीडियो में आनंद मोहन यह कहते नजर आ रहे हैं कि धड़ल्ले से टिकटे बेची गई। सिर्फ टिकट ही नहीं बिकी करोड़ों रुपये में मंत्री पद ही बिके। टिकट और मंत्री पद किसने बेचा यह हमसे बेहतर सरफुद्दीन साहब जानते हैं। लोगों ने अपने बेटे-बेटियों को सेट कर दिया। परिवारवाद पर हल्ला मचाने वाले के भाई को डुमरांव से टिकट दिया गया। दादा की वेदना को कोई सुनने वाला आज नहीं है लेकिन दादा का दर्द तुम्हारे खडयंत्र को ले डूबेगा। ये साजिश करने वाले चांडाल चौकड़ी ने आज जनता दल पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया। जनता दल यूनाइटेड के साथियों को मैं कहने आया हूं कि यह नीतीश कुमार का सफाया नहीं है, पिछड़ों के राज का सफाया है। आनंद मोहन का कुछ भी नहीं जाता, यह मैं आपको ललकारने नहीं आया हूं बल्कि आपको सच बताने आया हूं।
पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने अपनी ही पार्टी जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सीतामढ़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के में आनंद मोहन ने कहा कि जेडीयू में थैली की राजनीति चल रही है, जो थैला लेकर गया सरकार में मंत्री बन गया. इतना ही उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जीते जी दफन कर दिया गया. इसके बाद जेडीयू आक्रामक हो गई है. पार्टी के नेता एक साथ आनंद मोहन पर टूट पड़े हैं. जेडीयू के विधान पार्षद व आनंद मोहन की बिरादरी से आने वाले संजय सिंह ने बड़ा हमला बोला है. यूं कहें कि आनंद मोहन की हवा निकाल दी है. जेडीयू विधान पार्षद ने कहा कि जो थैली लेता हो, वो थैली की बात कर रहा. यह सुनकर आश्चर्य होता है.
संजय सिंह ने कहा कि आनंद मोहन जदयू में नहीं हैं, इसलिए उनके बयान का कोई वैल्यू नहीं. जहां तक थैली लेने के बयान की बात है तो, थैली लेने वाला थैली की बात कर रहा. उन्होंने कहा कि शिवहर लोकसभा बीजेपी की सीटिंग सीट थी. रामा देवी सांसद थीं. बीजेपी से वह सीट जदयू ने लिया और लवली आनंद को टिकट दिया गया. वे जीत कर भी आईं. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या आनंद मोहन थैली लेकर गए थे ? उनके पुत्र चेतन आनंद शिवहर से एमएलए थे. वहां उनकी स्थिति काफी खराब थी .उनको नवीनगर भेजा गया, क्या वह थैली देकर टिकट लिए थे ?
जेडीयू विधान पार्षद यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा कि जो थैली लेते हैं वह थैली की बात करते हैं. जनता दल यूनाइटेड में किसी माई के लाल में हिम्मत नहीं है जो, थैली देखकर टिकट ले ले. जो लोग जिस तरह के होते हैं, वो इसी तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं. आनंद मोहन का सबसे बड़ा दर्द है, बेटा मंत्री नहीं बना. पुत्र मोह के चलते ये धृतराष्ट्र बन गए हैं. आंख में पट्टी बांध लिए हैं. हमें खुशी तब होती जब क्षत्रिय बिरादरी के किसी दूसरे नेता के लिए लड़ते, लेकिन ये तो अपने पुत्र के लिए लड़ रहे हैं.
आनंद मोहन ने सीतामढ़ी में महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण के दौरान जेडीयू और बीजेपी पर अप्रत्यक्ष तौर पर बड़ा हमला बोला था और कहा कि नीतीश को जिंदा दफना दिया गया है। आनंद मोहन के इस बयान पर सम्राट चौधरी खेमें ने तीखा पलटवार किया है और कहा है कि आनंद मोहन नहीं भूलें कि वह किसकी कृपा पर जेल से छूटकार बार आए हैं। दरअसल, सीतामढ़ी में महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर आयोजित बैठक में पहुंचे पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने बिहार की ताजा राजनीतिक हालत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिस दौर से जेडीयू को बनाने से लेकर यहां लाने तक नीतीश कुमार ने काम किया, लेकिन आज उन्हें दफन कर दिया गया, कही पर भी नीतीश कुमार का चेहरा नहीं दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि मंच पर शपथ ग्रहण हो रहा था नीतीश कुमार वहां मौजूद थे, 85 एमएलए के साथ खड़ा व्यक्ति था लेकिन बैनर पोस्टर में उनकी तस्वीर तक नहीं थी। बैनर पोस्टर में नीतीश कुमार का फोटो क्यों नहीं लग रहा है यह बड़ा सवाल है। नीतीश के सहयोगी क्या कर रहे हैं। क्यों नहीं आवाज उठाते हैं। नीतीश कुमार को बैनर पोस्टर से क्यों अलग कर दिया गया। नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया गया। किसने इस षड्यंत्र को अंजाम दे दिया।आनंद मोहन के इस बयान से एक तरफ जहां जेडीयू ने किनारा कर लिया है तो वहीं दूसरी तरफ सम्राट चौधरी खेमें ने तीखा पलटवार किया है। सम्राट के करीबी माने जाने वाले सवर्ण आयोग के सदस्य राज कुमार सिंह ने बड़ा हमला बोला है और कहा है कि ये आनंद मोहन नहीं है बल्कि परिवार मोहन हैं। बिहार पीपुल्स पार्टी के गठन के समय से उनके साथ काम किया और किस तरह से उन्होंने पार्टी को चलाया इसके बारे में मुझसे बेहतर कोई नहीं जानता है।
उन्होंने कहा कि साल 2000 में जब हमको टिकट मिला तो ये उन्होंने ने उस टिकट को किससे बेचा यह तो आनंद मोहन से पूछिए। आज बेटे को मंत्री नहीं बनाए जाने पर पूर्व सीएम और वर्तमान सीएम पर आरोप लगाते हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आनंद मोहन जी आप बहुत तैश में बात करते हैं लेकिन वह समय अब बीत गया है। आनंद मोहन ने हमेशा से समाज को बांटने और बेचने का काम किया। राजपूत समाज के नाम पर केवल गंदा काम करने का काम किया। राज कुमार सिंह ने कहा कि आनंद मोहन जैसे लोग समाज का कभी उत्थान नहीं कर सकते हैं। उन्होंने आनंद मोहन को चुनौती दी कि अगर आपको इतनी ही परेशानी है तो पत्नी और बेटे का इस्तीफा कराने के बाद मैदान में उतरें, उनको समझ में आ जाएगा कि वर्तमान मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत क्या थी। अगर वह जेल से छूटे तो पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री की कृपा से छूटे और आज जेल से छूटने के बाद बब्बर शेर बन रहे हैं।
पटना से शाहिल कुमार लिंगम की रिपोर्ट




