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अशोक धाम मंदिर में करंट से हड़कंप, भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत की खबर

सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच करंट लगने के बाद भगदड़ मच गई। हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी म

Bihar news
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Tejpratap
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लखीसराय: सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। सोमवार सुबह जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच करंट लगने के बाद अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत होने की खबर है, जबकि कई लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं।


बताया जा रहा है कि सावन की तीसरी सोमवारी को भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही अशोक धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। बड़ी संख्या में कांवड़िए और अन्य श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे। इसी दौरान मंदिर के बाहर करंट लगने की घटना हुई। करंट की चपेट में आने की खबर फैलते ही श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई।


देखते ही देखते भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। भीड़ के दबाव में कई लोग जमीन पर गिर पड़े। इस दौरान कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।


7 श्रद्धालुओं की मौत की खबर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। मृतकों में महिलाओं के शामिल होने की भी बात सामने आ रही है। हालांकि मृतकों की पहचान और हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पूरी जानकारी प्रशासन की ओर से जारी किया जाना बाकी है।


घायलों को तत्काल इलाज के लिए आसपास के अस्पतालों में भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर किए जाने की भी संभावना है। अस्पतालों में भी घायलों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।


50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात

सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण अशोक धाम मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक भीड़ थी। स्थानीय स्तर पर करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की बात कही जा रही है। सुबह से ही मंदिर परिसर के आसपास लंबी कतारें लगी थीं।


इतनी बड़ी भीड़ के बीच अचानक हुई करंट की घटना ने स्थिति को गंभीर बना दिया। करंट लगने के बाद लोगों में दहशत फैल गई और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। फिलहाल प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।


मौके पर पहुंचा प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव दल को सक्रिय किया गया है। मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।


प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मंदिर परिसर के आसपास करंट कैसे फैला और घटना के पीछे बिजली व्यवस्था से जुड़ी क्या वजह थी।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

अशोक धाम लखीसराय का प्रमुख धार्मिक स्थल है और सावन में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में तीसरी सोमवारी पर इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण था। हादसे के बाद मंदिर परिसर में बिजली व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास मार्ग तथा आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। मृतकों की पहचान और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे की पूरी वजह और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।