ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपदहेज हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, पत्नी के मर्डर के आरोपी BDO के बाद अब महिला दारोगा गिरफ्तारमुकेश सहनी का यूपी में भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2027 में निषाद समाज देगा जवाबBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहरED का बड़ा एक्शन: TMC के तीन बैंक खातों को किया सील, अकाउंट में 440 करोड़बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपदहेज हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, पत्नी के मर्डर के आरोपी BDO के बाद अब महिला दारोगा गिरफ्तारमुकेश सहनी का यूपी में भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2027 में निषाद समाज देगा जवाबBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहरED का बड़ा एक्शन: TMC के तीन बैंक खातों को किया सील, अकाउंट में 440 करोड़

धारा 370 और NRC का विरोध उपचुनाव में जेडीयू को पड़ गया भारी, अजय आलोक बोले.. मतभेद भुलाएं तभी 2020 में होगी नीतीश सरकार

PATNA : जेडीयू के पूर्व प्रवक्ता अजय आलोक ने उप चुनाव में अपनी पार्टी की हार के लिए बीजेपी से मतभेदों को जिम्मेदार ठहराया है। अजय आलोक ने कहा है कि मुद्दों पर मतभेद के बावजूद

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

PATNA : जेडीयू के पूर्व प्रवक्ता अजय आलोक ने उप चुनाव में अपनी पार्टी की हार के लिए बीजेपी से मतभेदों को जिम्मेदार ठहराया है। अजय आलोक ने कहा है कि मुद्दों पर मतभेद के बावजूद भले ही नेता आपसी सुलह कर साथ चल लेते हैं लेकिन जनता इन मतभेदों पर उदासीन हो जाती है।


अजय आलोक में उपचुनाव के नतीजों को इसी उदासीनता का परिणाम बताया है। पूर्व जदयू प्रवक्ता ने यह नसीहत दी है कि सारे मतभेद खत्म कर एनडीए को एकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अजय आलोक ने कहा है कि मतभेद खत्म हुए तभी 2020 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में मजबूत सरकार बन पाएगी।


आपको बता दें कि प्रवक्ता पद पर रहते हुए अजय आलोक ने धारा 370, एनआरसी और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर लगातार मोदी सरकार और बीजेपी के स्टैंड का समर्थन किया। बाद में उन्होंने पार्टी की नीतियों के साथ खुद को खड़ा नहीं पाते हुए प्रवक्ता पद भी छोड़ दिया और अब उपचुनाव में हार के बाद अजय आलोक ने एक बार फिर से अपनी पार्टी को यह बता दिया है कि उपचुनाव में किन मुद्दों का विरोध करना उसे भारी पड़ा।\