ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: STF के रिटायर्ड ASP का कार्यकाल बढ़ा, पूर्व सैनिक कक्षपालों के मानदेय में बढ़ोतरी, महिला सिपाहियों को मिलेंगे 1500 स्कूटरबिहार में बाइक-ऑटो खरीदना हुआ महंगा, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला; मोटर वाहन टैक्स बढ़ा, जानिए क्या बदलेगाबिहार में दर्दनाक हादसा: पेड़ की टहनी काटते समय करंट की चपेट में आया बेटा, बचाने दौड़ी मां की भी मौतबिहार में शराबबंदी की खुली पोल? नशे में धुत ASI ने किया हंगामा, 2.30 घंटे तक चलता रहा ड्रामा; VIDEO वायरलसीतामढ़ी में इंस्टाग्राम से पाकिस्तान कनेक्शन का दावा, दो युवक गिरफ्तारबिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: STF के रिटायर्ड ASP का कार्यकाल बढ़ा, पूर्व सैनिक कक्षपालों के मानदेय में बढ़ोतरी, महिला सिपाहियों को मिलेंगे 1500 स्कूटरबिहार में बाइक-ऑटो खरीदना हुआ महंगा, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला; मोटर वाहन टैक्स बढ़ा, जानिए क्या बदलेगाबिहार में दर्दनाक हादसा: पेड़ की टहनी काटते समय करंट की चपेट में आया बेटा, बचाने दौड़ी मां की भी मौतबिहार में शराबबंदी की खुली पोल? नशे में धुत ASI ने किया हंगामा, 2.30 घंटे तक चलता रहा ड्रामा; VIDEO वायरलसीतामढ़ी में इंस्टाग्राम से पाकिस्तान कनेक्शन का दावा, दो युवक गिरफ्तार

वित्त रहित संस्थानों को पेमेंट मिलने का मामला विधान परिषद में उठा, सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने सरकार को घेरा

PATNA : बिहार में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को अनुदान मिलने में देरी का मामला आज एक बार फिर बिहार विधान परिषद में उठा. इस मामले को विधान परिषद में ध्यानाकर्षण के माध्यम से क

वित्त रहित संस्थानों को पेमेंट मिलने का मामला विधान परिषद में उठा, सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने सरकार को घेरा
First Bihar
2 मिनट

PATNA : बिहार में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को अनुदान मिलने में देरी का मामला आज एक बार फिर बिहार विधान परिषद में उठा. इस मामले को विधान परिषद में ध्यानाकर्षण के माध्यम से कांग्रेस के सदस्य मदन मोहन झा ने उठाया. कांग्रेस एमएलसी ने आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षा विभाग के लिए तय की गई बजट राशि वापस लौट जा रही है लेकिन वित्त रहित शिक्षक संस्थानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है. 


इसके जवाब में सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जवाब दिया. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि जो राशि वित्तीय वर्ष में वापस लौटी है, उसे बिहार बोर्ड को वापस किया जाएगा और बोर्ड अपने नियमों के अनुकूल क्राइटेरिया फुलफिल करने वाले शिक्षण संस्थानों को अनुदान देगी. 


वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को सरकार की तरफ से पिछले 2 वर्षों से ज्यादा वक्त से भुगतान नहीं किया गया, यह आरोप सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने सदन में लगाया. सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने एक साथ सरकार को इस मसले पर जमकर घेरा. जेडीयू के संजीव सिंह और बीजेपी के नवल किशोर यादव ने भी सरकार से इस मामले में भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार उन जगहों पर भी मध्य विद्यालयों को उत्क्रमित कर रही है जहां पहले से अनुदान प्राप्त करने वाले शिक्षण संस्थान काम कर रहे हैं.