1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 11 Feb 2026 08:08:42 PM IST
विशेषज्ञों ने दिये सफलता के टिप्स - फ़ोटो सोशल मीडिया
PATNA: पटना के बोरिंग रोड स्थित ए.एन. कॉलेज के ऑडिटोरियम में गोल इंस्टिट्यूट का सेमिनार हुआ। “How to Crack NEET & JEE” सेमिनार ने आज इतिहास रच दिया। 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों की अभूतपूर्व उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार के युवा अब अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। सेमिनार में उमड़ा जनसैलाब केवल भीड़ नहीं था, बल्कि वह ऊर्जा, उम्मीद और लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक था। जहां एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को NEET और JEE क्रैक करने का टिप्स दिया गया।
गोल इंस्टिट्यूट द्वारा आयोजित यह सेमिनार छात्रों के लिए केवल मार्गदर्शन कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन की दिशा तय करने वाला प्रेरणा पर्व बन गया। कार्यक्रम का संचालन एडमिशन इंचार्ज श्री बिनीत ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया और पूरे वातावरण को जोश एवं अनुशासन से भर दिया।
संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक बिपिन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “NEET और JEE की तैयारी केवल किताबों से नहीं होती, यह मानसिक मजबूती, निरंतर अभ्यास और सही रणनीति का परिणाम है। गोल का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और विजेता की सोच देना है। जब लक्ष्य स्पष्ट हो और मार्गदर्शन सही हो, तो सफलता निश्चित है।”उनके शब्दों ने विद्यार्थियों के मन में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया।
सहायक निदेशक रंजय सिंह ने भावुक शब्दों में कहा कि “हर छात्र के पीछे उसके माता-पिता के सपने और त्याग जुड़े होते हैं। गोल परिवार इन सपनों को अपना सपना मानकर कार्य करता है। यहां हर बच्चे को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, अनुशासित माहौल और वैज्ञानिक रणनीति के साथ आगे बढ़ाया जाता है, ताकि वह अपने लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त कर सके।”
आर एंड डी हेड आनंद वत्स ने छात्रों को परीक्षा की वैज्ञानिक तैयारी का महत्व समझाते हुए कहा कि “सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही दिशा में की गई मेहनत से मिलती है। टेस्ट एनालिसिस, समय प्रबंधन और नियमित मूल्यांकन ही टॉप रैंक दिलाते हैं। गोल में प्रत्येक छात्र की तैयारी डेटा आधारित विश्लेषण से की जाती है, जिससे उसकी कमजोरियों को ताकत में बदला जा सके।”
अकादमिक हेड गौरव सिंह ने कहा कि “कॉन्सेप्ट की स्पष्टता ही सफलता की असली कुंजी है। जब विद्यार्थी विषय को गहराई से समझता है, तभी वह कठिन से कठिन प्रश्नों को आत्मविश्वास से हल कर पाता है। गोल में हम बच्चों को रटने की नहीं, सोचने और समझने की आदत सिखाते हैं।” कंकड़बाग ब्रांच हेड संजीव कुमार ने अनुशासन और नियमित अभ्यास को सफलता का मूल मंत्र बताया और छात्रों को निरंतरता बनाए रखने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में IGIMS में अध्ययनरत गोल के सफल छात्रों की उपस्थिति ने पूरे माहौल को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। उन्होंने अपने संघर्ष और सफलता की यात्रा साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार गोल की टेस्ट सीरीज़, डाउट सॉल्विंग सेशन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन ने उन्हें मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाया। उनकी बातें सुनकर छात्रों के चेहरे पर आत्मविश्वास और उम्मीद की चमक साफ दिखाई दे रही थी।
सेमिनार का विशेष आकर्षण रहा गोल के आंतरिक टेस्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप रैंकर्स का सम्मान समारोह। गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल प्रदान कर मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। तालियों की गूंज के बीच सम्मानित छात्रों के चेहरे पर गर्व और प्रेरणा का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। पूरे कार्यक्रम में छात्रों और अभिभावकों को NEET एवं JEE की तैयारी से जुड़ी रणनीतियों, समय प्रबंधन, मानसिक दबाव से निपटने के उपाय और प्रारंभिक कक्षाओं से ही तैयारी शुरू करने के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
यह सेमिनार यह संदेश देकर समाप्त हुआ कि सही मार्गदर्शन, मजबूत रणनीति और अटूट विश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। ए.एन. कॉलेज का ऑडिटोरियम आज हजारों सपनों की गूंज का साक्षी बना, और गोल ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि वह केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने वाला एक समर्पित परिवार है।