विपक्षी एकता की मुहीम के बाद अब एक्टिव हुई BJP, दिल्ली में इस दिन बुलाई बड़ी बैठक; बिहार की 9 पार्टियों के NDA में शामिल होने की संभावना

विपक्षी एकता की मुहीम के बाद अब एक्टिव हुई BJP, दिल्ली में इस दिन बुलाई बड़ी बैठक; बिहार की 9 पार्टियों के NDA में शामिल होने की संभावना

NEW DELHI : विपक्षी एकता के मुहीम के बाद अब भाजपा भी अपनी रणनीति बनाने को लेकर पहले से काफी एक्टिव हो गई है। भाजपा के तरफ से अब एनडीए को नया आकार देने की तैयारी शुरू कर दी गयी है। इसको लेकर भाजपा शीर्ष नेतृत्व के तरफ से दिल्ली में 18 जुलाई को एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी को शामिल होने का निर्देश दिया गया है।


दरअसल, अगले साल पूरे देश में लोकसभा चुनाव होना है और इस चुनाव को लेकर एक तरफ विपक्ष एकजुट हो रहे हैं तो दूसरी तरफ अब भाजपा भी अपनी तैयारी करने में जुट गई है। यही वजह है कि पिछले 2 दिनों से भाजपा के तरफ से पूरे देश को 3 सेक्टर में बांट कर बैठक की जा रही है। अब इस बैठक के बाद भाजपा दिल्ली में 18 जुलाई को एक बड़ी बैठक करने वाली है। यह तय माना जा रहा है कि, इस बैठक के कुछ ही दिनों के बाद एनडीए का आकार बढ़ता हुआ नजर आने लगेगा। 


बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ इस बैठक में यह रणनीति तैयार करेगी कि उनको किस राज्य में इन चीज़ों पर अधिक ध्यान देना है। ऐसे में बिहार को लेकर जो जानकारी सामने आयी है। उसके मुताबिक़ जल्द ही अब बिहार की जनता को एनडीए का बड़ा आकार एक बार फिर से देखने को मिलेगा। ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा इस बैठक के बाद  उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनता दल, चिराग पासवान की पार्टी लोजपा, मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी और जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को आधिकारिक रूप से खुद के सहयोगी होने का एलान कर सकती है। 


राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा इस बार बिहार में कुशवाहा (कोइरी) समाज को साधने के लिए सम्राट चौधरी और उपेंद्र कुशवाहा को आगे करेगी तो मछुआरा (मल्लाह) समाज की जातियों को आकर्षित करने के लिए मुकेश सहनी होंगे। वहीं, पासवान समुदाय को अपने पाले में लाने के लिए चिराग पासवान और पशुपति पारस दो मजबूत स्तंभ वर्तमान में भी भाजपा के साथ हैं। वहीं, दलित समुदाय के लिए इस बार मांझी भी साथ हैं। इसके आलावा सवर्ण समाज का साथ शुरू से ही भाजपा को मिलता रहा है। इस समाज को साधने के लिए पार्टी के पास बहुतेरे नेता मौजूद हैं। वहीं  यादव समुदाय को साधने की जिम्मेवारी नित्यानंद राय के पास होगी।


आपको बताते चलें कि, भाजपा के तरफ से 18 जुलाई की बैठक में  बिहार के अलावा  पंजाब से शिरोमणि अकाली दल (शिअद),आंध्र प्रदेश से तेदेपा के शामिल होने की संभावना है। शिअद के सुखबीर बादल ने बैठक के लिए अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है। इसके साथ ही टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर उनके साथ बैठक की है। इस लिहाजा इस दोनों का शामिल होना तय माना जा रहा है।