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सहरसा कोर्ट का अनोखा फैसला: फर्जी दस्तावेज मामले में आरोपी को मिली जमानत, 6 महीने मंदिर में सेवा की शर्त

सहरसा में परिवहन विभाग में फर्जी दस्तावेज देने के आरोपी कुंदन कुमार को अदालत ने जमानत इस अनोखी शर्त रखते हुए दी कि 6 महीने तक रोजाना 4 घंटे मत्स्यगंधा मंदिर में सफाई और पौधारोपण जैसी सामुदायिक सेवा करनी होगी।

बिहार न्यूज
फर्जी दस्तावेज मामले में जमानत
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SAHARSA: परिवहन विभाग में चालक की नौकरी के लिए फर्जी दस्तावेज देने के आरोप में न्यायिक हिरासत में बंद कुंदन कुमार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार की अदालत से जमानत मिल गई।


कुंदन कुमार पर आरोप था कि उन्होंने परिवहन विभाग में नौकरी के लिए आवेदन के दौरान फर्जी दस्तावेज जमा किए और तीन आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई। आरोपी तब न्यायिक हिरासत में था। जमानत देते हुए अदालत ने एक अनोखी शर्त रखी कि कुंदन कुमार को 6 महीने तक प्रतिदिन 4 घंटे मत्स्यगंधा मंदिर परिसर में सामुदायिक सेवा करनी होगी। इसमें सफाई कार्य, पौधारोपण और अन्य सामाजिक गतिविधियां शामिल होंगी।


यह फैसला न केवल कानूनी कार्रवाई है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में शिक्षा और सुधार दोनों पर जोर दिया जाना चाहिए। जमानत मिलने के बाद कुंदन कुमार अब न्यायिक हिरासत से मुक्त हैं, लेकिन मंदिर में निर्धारित सेवा पूरी करने के बाद ही उन्हें पूरी छूट प्राप्त होगी।

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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