ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Assembly Session: बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की तैयारियां तेज, इस बार डिजिटल माध्यम से होगी सदन की कार्यवाही Bihar Assembly Session: बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की तैयारियां तेज, इस बार डिजिटल माध्यम से होगी सदन की कार्यवाही Bihar Parali Ban : बिहार में पराली जलाने पर सख्त प्रतिबंध, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई Bihar prohibition law : शराबबंदी कानून पर कड़ा रुख: हाईकोर्ट ने जब्त गाड़ी- बाइक दोनों मामलों में मालिक के पक्ष में दिया फैसला Bihar Crime News: बिहार में जीजा ने साले को मारी गोली, बहन को विदा कराने पहुंचा था युवक Bihar Crime News: बिहार में बाइक सवार युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Patna Metro : पटना मेट्रो अपडेट: भूतनाथ रोड से मलाही पकड़ी तक सेवा 20 दिसंबर से शुरू, पूर्वी पटना को बड़ी राहत Bihar Ias Officer: बिहार से बाहर हैं 30 IAS अफसर...इनमें 2 तो अगले साल रिटायर हो जाएंगे, कई बिहार वापस आना चाहते हैं, पर... Bihar road accident : सहरसा में अनियंत्रित ट्रक ने दो परिवारों के घरों में तोड़ा हमला, छात्र समेत कई लोग घायल Jamui accident : बालू लदे ट्रक की चपेट में महिला की मौत, ग्रामीणों ने चालक को बंधक बनाकर सड़क जाम किया

तांती और ततवा अब अनुसूचित जाति नहीं रहेंगे? SC के आदेश के बाद नीतीश सरकार ने लिया यह ...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 30 Sep 2024 09:37:37 AM IST

तांती और ततवा अब अनुसूचित जाति नहीं रहेंगे? SC के आदेश के बाद नीतीश सरकार ने लिया यह ...

- फ़ोटो

PATNA : बिहार की नीतीश सरकार ने सभी विभागों और आयोगों से पान और स्वासी जाति के साथ ही जुड़े तांती और ततवा जाति के कर्मियों की जानकारी तलब की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों एवं आयोगों को पत्र लिखकर इनकी जानकारी देने को कहा है। इसके पीछे की वजह यह है कि अब यह जातियां अनुसूचित जाति श्रेणी में नहीं रहेंगी। इनके आरक्षण की स्थिति में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद लिया गया है। 


जानकारी के मुताबिक विभाग के संयुक्त सचिव गुफरान अहमद ने विभागों से बिहार सचिवालय सेवा के तहत कार्यरत तांती (ततवा) जाति के पदाधिकारियों से स्व-घोषणा पत्र में सूचना प्राप्त करने का निर्देश दिया। साथ ही, उनकी सेवापुस्तिका में अंकित तथ्यों की जांच कर एक सप्ताह में स्व-घोषणा पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 


मालूम हो कि, हाल ही में राज्य सरकार ने पान/स्वासी जाति के साथ जुड़े तांती और ततवा जाति को अनुसूचित जाति की श्रेणी से हटाकर अत्यंत पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-1) के तहत फिर से जोड़ने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य में तांती (ततवा) जाति के आरक्षण की स्थिति में परिवर्तन आया है। राज्य सरकार ने इन्हें अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल किया था। इसके विरोध में याचिका दाखिल की गयी थी। 


सुप्रीम कोर्ट द्वारा तांती (ततवा) जाति को अनुसूचित जाति की श्रेणी से हटाने के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने फिर से इन्हें अत्यंत पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-1) में शामिल किया है। मगर इस बीच कई विभागों और कार्यालयों में कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के कारण उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों एवं आयोगों को पत्र लिखकर इनकी जानकारी देने को कहा है।